जलवायु-मृदा एवं प्रकृतिक वनस्पतियाँ GK Question –
जलवायु-मृदा एवं प्रकृतिक वनस्पतियाँ GK Question –
जलवायु-मृदा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
1. मुख्य कारक जो किसी क्षेत्र की जलवायुको निर्धारित करता है, वह है-
(A) ऊँचाई
(B) समुद्र से समीपता
(C) वनस्पति का प्रकार
(D) अक्षांश
Answer: (D) अक्षांश
Explanation: मौसम सम्बंधी दीर्घकालीन दशाओं के औसत को जलवायु (Climate) कहते हैं। जलवायु को निर्धारित करने वाले कारक अक्षांश समुद्र तल से ऊँचाई, समुद्र से दूरी, प्रचलित पवनें, मेघाच्छादन, समुद्री जलधाराएँ पर्वतमालाओं की स्थिति, भूमि का ढाल, वानस्पतिक आवरण आदि हैं। परन्तु इनमें से अक्षांश, जलवायु को निर्धारित करने वाला मुख्य कारक है क्योंकि विभिन्न अक्षांश के अनुसार ही जलवायु की प्रमुख पेटियों का निर्धारण किया गया है।
2. किस ऋतु में वायुदाब सबसे कम होता है?
(A) शीत ऋतु में
(B) वसंत ऋतु में
(C) ग्रीष्प ऋतु में
(D) शरद ऋतु में
Answer: (D) शरद ऋतु में
Explanation: वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) का अर्थ है – किसी भी स्थान और समय पर वहाँ की हवा के स्तम्भ का भार। हवा के इस दबाव को जिस यंत्र से मापा जाता है, उसे बेरौमीटर (Barometer) कहते हैं। वायु दाब ऊॅँचाई बढ़ने के साथ-साथ कम होता जाता है, जबकि तापमान बढ़ने के साथ-साथ घटता जाता है। इसीलिए ग्रीष्म ऋतु में तापमान सबसे अधिक होने के कारण वायुदाब कम होता है। यदि हवा में जलवाष्प की मात्रा अधिक होती है, तो दबाव कम हो जाता है और जलवाष्प कम होने से दबाव बढ़ जाता है।
3. डोलड्रम कटिबंध कहाँ स्थित है?
(A) भूमध्य रेखा पर
(B) ध्रुवीय क्षेत्र में
(C) कर्क रेखा पर
(D) मकर रेखा पर
Answer: (A) भूमध्य रेखा पर
Explanation: भूमध्य रेखा के निकट 5° उत्तरी से 5° दक्षिणी अक्षांश के मध्य निम्न वायुदाब की पेटी पायी जाती है, जहाँ केवल ऊर्ध्वाधर वायु धाराएँ प्रवाहित होती हैं। क्षैतिज वायु धाराओं के अभाव के कारण इस क्षेत्र में पवनें शान्त होती हैं। इसीलिए इस क्षेत्र को शान्त पवन की पेटी या डोलड्रम (Doldrum) कहा जाता है।
4. निम्न अक्षांशों (उत्तरी अथवा दक्षिणी) में से किसे आय अश्व अक्षांश से संबद्ध करेंगे?
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 25°
Answer: (A) 30°
Explanation: दोनों गोलार्द्धों में 30°-35° अक्षांशों के मध्य उच्च वायुदाब पाया जाता है। जिससे यहाँ हवाएँ शान्त होती हैं, ये हवायें प्राचीन काल में जलयानों के लिए गति अवरोधक का कार्य करती थी। इस शांत तथा अनिश्चित हवाओं वाले भाग में प्रवेश करने पर प्राचीन काल में घोड़ा से युक्त जलयानों के संचालन में कठिनाई होती थी। इसीलिए व्यापारी जलयान का भार हल्का करने के लिए कुछ अश्वों (घोड़ो) को सागर में फेक देते थे। इसीलिए इन अक्षाशों को अश्व अक्षांश (Horse Latitude) कहा जाने लगा।
5. भूमध्यवर्ती क्षेत्रों में गहन वाष्पन के कारण होने वाली वर्षा को क्या कहते हैं?
(A) पर्वतीय वर्षा
(B) चक्रवातीय वर्षा
(C) वाताग्र वर्षा
(D) संवहनीय वर्षा
Answer: (D) संवहनीय वर्षा
Explanation: जब ऊपर उठती हई यह वायु सागरों तथा अन्य जलाशयों से आर्द्रता ग्रहण कर आकाश में पर्याप्त ऊँचाई पर पहुँच कर ओसांक तक ठंडी हो जाती है तो संघनन प्रारम्भ हो जाता है। इस प्रकार कपासी वर्षा मेघों की उत्पत्ति होती है और तीव्र वर्षा होने लगती है, जिसे संवहनीय वर्षा कहते हैं। भूमध्य रेखीय प्रदेशों में दिन में अत्यधिक सूर्यातप के कारण धरातल के अधिक गर्म हो जाने पर वायु फैलती है और हल्की होने के कारण ऊपर उठती हैं। वायु फैलती है और हलकी होने के परिणामस्वरूप समुद्र से प्रचुर मात्रा में जलवाष्प बन् कर आर्द्र वायु में मिल जाती है, जिससे उन क्षेत्रों में संवहनीय वर्षा होती है। इस प्रकार की वर्षा प्राय: दोपहर बाद प्रारम्भ होती है।
6. निम्न स्थानों में किस एक में रुधिर वर्षा होती है?
(A) इटली
(B) स्पेन
(C) कनाडा
(D) फ्रांस
Answer: (A) इटली
Explanation: सहारा मरुस्थल से भूमध्य सागर की और चलने वाली गर्म शुष्क तथा रेत भरी हवा सिरॉको कहलाती है। इस हवा के साथ लाल रेत की मात्रा अधिक होती है। जब ये हवाएँ भूमध्य सागर से होकर गुजरती हुई तथा नमी धारण कर दक्षिणी इटली में लाल रेत के साथ वर्षा प्रदान करती है, तो इसे ही रुधिर वर्षा/रक्त वृष्टि (Blood Rain) कहा जाता है।
7. एल-निनो (El-Nino) किसके ऊपर प्रकट होता है?
(A) हिंद महासागर के ऊपर
(B) अटलॉटिक महासागर के ऊपर
(C) प्रशांत महासागर के ऊपर
(D) भूमध्यसागर के ऊपर
Answer: (C) प्रशांत महासागर के ऊपर
Explanation: उष्ण कटिबंधीय प्रशांत महासागर के पूर्वी तट पर समुद्री तापमान और वायुमण्डलीय परिस्थितियों में आए परिवर्तन को एल-निनो (El-Nino) कहते हैं। यह दक्षिण अमेरिका के पश्चमी तट पर स्थित इक्वाडोर और पेरू के तटीय समुद्री जल सतह पर कुछ वर्षों के अंतराल पर घटित होती है, जिसके परिणामस्वरूप समुद्र के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है।
8. गरजने वाला चालीसा – ये शब्द निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
(A) व्यापारिक पवन
(B) भूमण्डलीय पवन
(C) पछुआ पवन
(D) ध्रुवीय पवन
Answer: (C) पछुआ पवन
Explanation: गरजता चालीसा (Roaring Forties) पछुआ पवनें होती हैं, जो केवल 40°-50° अक्षाशों पर दक्षिणी गोलार्द्ध में मुख्यत: दक्षिणी हिन्द महासागर क्षेत्र में उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर प्रवाहित होती हैं। इसके साथ प्रचण्डता झंझावात भी चलते हैं। प्रचण्डता के कारण ही इन्हें गरजता चालीसा कहा जाता है। न्यूजीलैंड की राजधानी वेलिंगटन इन्हीं पवनों के मार्ग में स्थित है।
9. व्यापारिक पवनें कहाँ से चलती है?
(A) ध्रुवीय उच्च दाब से
(B) विषुवतीय निम्न दाब से
(C) उपोष्ण उच्च दाब से
(D) अधोध्रुवीय निम्न दाब से
Answer: (C) उपोष्ण उच्च दाब से
Explanation: व्यापारिक हवाएँ (Trade Wind) उपोष्ण उच्च वायुदाब से भूमध्यरेखीय निम्न वायदाब की ओर प्रवाहित होती हैं। उत्तरी गोलार्द् में इनकी दिशा उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम तथा दक्षिणी गोलाद्द्ध में दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम होती है।
10. निम्नलिखित में से कौन सी बर्फ भक्षक के नाम से जानी जाती है?
(A) मिस्ट्रल
(B) चिनूक
(C) लू
(D) हरमट्टन
Answer: (B) चिनूक
Explanation: चिनूक (Chinook) गर्म एवं शुष्क पवन है, जो उत्तरी अमेरिका के रॉकी पर्वत श्रेणी के पूर्वी ढालों पर प्रवाहित होती है। यह अल्बर्टा, पश्चिमी सस्कैचवान तथा मोण्टाना राज्यों को प्रभावित करती है। बसंत ऋतु में इस पवन के प्रभाव से अचानक तापमान में वृद्धि हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप हिम (बर्फ) तेजी से पिघलने लगती है। इसीलिए इस पवन को हिम भक्षक (Snow Eaters) क नाम से जाना जाता है।
11. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सत्य है?
(A) पृथ्वी की धरातलीय विषमता पवनों की गति को प्रभावित करती है।
(B) पृथ्वी के परिक्रमण के कारण वायु पर कोरिऑलिस बल लगता है।
(C) A और B दोनों
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (A) पृथ्वी की धरातलीय विषमता पवनों की गति को प्रभावित करती है।
Explanation: क्षैतिज रूप से गतिशील वायु को पवन कहते हैं। पवनें उच्च दाब से निम्न दाब की ओर प्रवाहित होती हैं। भूतल पर धरातलीय विषमताओं के कारण घर्षण पैदा होता है, जो पवनों की गति को प्रभावित करता है। जब पृथ्वी के घूर्णन के कारण पवनें अपनी मूल दिशा से विक्षेपित हो जाती हैं, तो उसे कोरिऑलिस बल कहा जाता है। विषुवत वृत पर कोरिऑलिस बल शून्य होता है और पवनें समदाब रेखाओं के समकोण पर प्रवाहित होती है। यही कारण है कि विषुवत वृत्त के निकट उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का अभाव पाया जाता है।
12. किस प्रकार के वन प्रदेश को विश्व का फलोद्यान कहते हैं?
(A) शीतष्ण पर्णपाती वन
(B) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
(C) शीतोष्ण सदाबहार वन
(D) भूमध्यसागरीय वन
Answer: (D) भूमध्यसागरीय वन
Explanation: भूमध्यसागरीय वन प्रदेश को फलों की कृषि के कारण विश्व का फलोद्यान (Fruit Garden of the World) भी कहा जाता है। इन क्षेत्रों में आमतौर पर संतरा, अंजीर, जैतून एवं अंगूर जैसे फलों की खेती की जाती है।
13. पहाडी ढालों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए निम्न में से कौन-सी विधि सबसे उपयुक्त है?
(A) समोच्च रेखीय जुताई
(B) रक्षक मेखला
(C) वेदिका कृषि
(D) मल्चिंग विधि
Answer: (A) समोच्च रेखीय जुताई
Explanation: पर्वतीय ढालों पर समोच्च रेखीय जुताई मृदा अपरदन रोकने की सबसे उपयुक्त विधि है। किसी पहाड़ी ढाल पर समोच्च रेखाओं के समान्तर जुताई, ढाल से नीचे बहते जल के लिए एक प्राकृतिक अवरोध का निर्माण करती है। जबकि तटीय और शुष्क प्रदेशों में पवनों की गति को रोकने के लिए वृक्षों को कतारों में लगाया जाता है, ताकि मुदा आवरण को बचाया जा सके। इस विधि को रक्षक मेखला विधि कहते हैं।
14. अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) प्रायः कहाँ पर होता है?
(A) कर्क रेखा के निकट
(B) विषुवत वृत्त के निकट
(C) मकर रेखा के निकट
(D) आर्कटिक वृत्त के निकट
Answer: (B) विषुवत वृत्त के निकट
Explanation: अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) विषुवत वृत्त के निकट पाया जाने वाले वह क्षेत्र है, जहाँ उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें मिलती हैं । इन दोनों पवनों के मिलने से विषुवतीय पछुआ पवनों की उत्पत्ति होती है।
15. उष्णकटिबंधीय चक्रवात के संबंध में चक्रवात का लैंडफाल क्या कहलाता है?
(A) चक्रवात का धीरे-धीरे क्षीण होकर खत्म होना।
(B) चक्रवात का समुद्री तट को पार करके स्थल पर पहुँचना।
(C) चक्रवात का कपासी मेघों से संघनन प्रक्रिया द्वारा ऊर्जा प्राप्त करना।
(D) चक्रवात को स्थल से आर्द्रता की आपूर्ति का बाधित होना।
Answer: (B) चक्रवात का समुद्री तट को पार करके स्थल पर पहुँचना।
Explanation: कर्क रेखा और मकर रेखा के मध्य दोनों गोलार्ध में 5°-25° अक्षांशों के मध्य उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति होती है। ये सागरों के ऊपर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं, परन्तु स्थल पर पहुँचते-पहुँचते क्षीण हो जाते हैं। इसीलिए ये महाद्वीपों के तटीय भागों पर अधिक प्रभावी रहते हैं। वह स्थान जहाँ से उष्णकटिबंधीय चक्रवात समुद्री तट को पार करके स्थल पर पहुँचते हैं, चक्रवात का लैंडफाल कहलाता है। उष्णकटिबंधीय चक्रवात को संयुक्त राज्य अमेरिका में हरिकेन तथा चीन में टायफून कहा जाता हैं।
16. निम्नलिखित में से किन कारकों पर वनस्पति की वद्धि निर्भर करती है?
(A) तापमान
(B) मिट्टी की परत की मोटाई
(C) नमी (आर्द्रता)
(D) उपर्युक्त सभी
Answer: (D) उपर्युक्त सभी
Explanation: वनस्पति की वृद्धि तापमान एवं आर्द्रता पर निर्भर करती है। इसके अतिरिक्त यह ढाल एवं मिट्टी की परत की मोटाई जैसे कारकों पर भी निर्भर करती है। किसी स्थान की ऊँचाई एवं वनस्पति की विशेषताएँ एक- दूसरे से सम्बंधित हैं। ऊँचाई में परिवर्तन के साथ तापमान एवं आर्द्रता में परिवर्तंन होता है, इसके कारण प्राकृतिक वनस्पति में भी परिवर्तन आता है।
17. मूदा निर्माण के सम्बंध में नीचे दिये गये कथनों में से कौन-सा/से सत्य है/हैं?
(A) मृदा अपक्षय की प्रक्रिया के माध्यम से बनती है।
(B) वनस्पति, प्राणी और सूक्ष्म जीव ह्युमस निर्माण की दर को प्रभावित करते हैं।
(C) उच्चावच तुंगता और ढाल मृदा परिच्छेदिका की मोटाई को निश्चित करते हैं।
(D) A और B दोनों
Answer: (A) मृदा अपक्षय की प्रक्रिया के माध्यम से बनती है।
Explanation: मृदा का निर्माण अपक्षय प्रक्रिया के माध्यम से चट्टानों से प्राप्त खनिजों और जैव पदार्थों तथा भूमि पर पाये जाने वाले खनिजों से होता है। मृदा निर्माण की प्रक्रिया विभिन्न कारकों द्वारा प्रभावित होती है-
1. जलवायु, तापमान, वर्षा, अपक्षय और ह्युमस मुदा निर्माण की दर को प्रभावित करते हैं।
2. समय, मृदा परिच्छेदिका की मोटई को निश्चित करता है।
3. वनस्पति, प्राणी और सूक्ष्य जीव मृदा में ह्युमस निर्माण की दर को प्रभावित करते हैं।
4. उच्चावच, तुंगता और ढाल मृदा के गुण को निर्धारित करते हैं
5. जनक शैल, मृदा के रंग व संगठन, रासायनिक गुणधर्म, खनिज की मात्रा एवं पारगम्यता को निर्धारित करती हैं।
18. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों के संदर्भ में नीचे दिये गये कथनों में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
(A) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन मानसूनी वन होते हैं।
(B) इन वनों के वृक्ष जल संरक्षित करने के लिए शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ त्याग देते हैं।
(C) A और B दोनों
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (C) A और B दोनों
Explanation: उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन मानसूनी वन होते हैं, जो भारत, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया एवं मध्य अमेरिका के विस्तृत भागों में पाये जाते हैं। इन क्षेत्रों में मौसमी परिवर्तन होते रहते हैं। शुष्क मौसम में जल संरक्षित करने के लिए यहाँ के वृक्ष अपनी पत्तियाँ गिरा देते है।
(A) ऊँचाई
(B) समुद्र से समीपता
(C) वनस्पति का प्रकार
(D) अक्षांश
Answer: (D) अक्षांश
Explanation: मौसम सम्बंधी दीर्घकालीन दशाओं के औसत को जलवायु (Climate) कहते हैं। जलवायु को निर्धारित करने वाले कारक अक्षांश समुद्र तल से ऊँचाई, समुद्र से दूरी, प्रचलित पवनें, मेघाच्छादन, समुद्री जलधाराएँ पर्वतमालाओं की स्थिति, भूमि का ढाल, वानस्पतिक आवरण आदि हैं। परन्तु इनमें से अक्षांश, जलवायु को निर्धारित करने वाला मुख्य कारक है क्योंकि विभिन्न अक्षांश के अनुसार ही जलवायु की प्रमुख पेटियों का निर्धारण किया गया है।
2. किस ऋतु में वायुदाब सबसे कम होता है?
(A) शीत ऋतु में
(B) वसंत ऋतु में
(C) ग्रीष्प ऋतु में
(D) शरद ऋतु में
Answer: (D) शरद ऋतु में
Explanation: वायुमण्डलीय दाब (Atmospheric Pressure) का अर्थ है – किसी भी स्थान और समय पर वहाँ की हवा के स्तम्भ का भार। हवा के इस दबाव को जिस यंत्र से मापा जाता है, उसे बेरौमीटर (Barometer) कहते हैं। वायु दाब ऊॅँचाई बढ़ने के साथ-साथ कम होता जाता है, जबकि तापमान बढ़ने के साथ-साथ घटता जाता है। इसीलिए ग्रीष्म ऋतु में तापमान सबसे अधिक होने के कारण वायुदाब कम होता है। यदि हवा में जलवाष्प की मात्रा अधिक होती है, तो दबाव कम हो जाता है और जलवाष्प कम होने से दबाव बढ़ जाता है।
3. डोलड्रम कटिबंध कहाँ स्थित है?
(A) भूमध्य रेखा पर
(B) ध्रुवीय क्षेत्र में
(C) कर्क रेखा पर
(D) मकर रेखा पर
Answer: (A) भूमध्य रेखा पर
Explanation: भूमध्य रेखा के निकट 5° उत्तरी से 5° दक्षिणी अक्षांश के मध्य निम्न वायुदाब की पेटी पायी जाती है, जहाँ केवल ऊर्ध्वाधर वायु धाराएँ प्रवाहित होती हैं। क्षैतिज वायु धाराओं के अभाव के कारण इस क्षेत्र में पवनें शान्त होती हैं। इसीलिए इस क्षेत्र को शान्त पवन की पेटी या डोलड्रम (Doldrum) कहा जाता है।
4. निम्न अक्षांशों (उत्तरी अथवा दक्षिणी) में से किसे आय अश्व अक्षांश से संबद्ध करेंगे?
(A) 30°
(B) 45°
(C) 60°
(D) 25°
Answer: (A) 30°
Explanation: दोनों गोलार्द्धों में 30°-35° अक्षांशों के मध्य उच्च वायुदाब पाया जाता है। जिससे यहाँ हवाएँ शान्त होती हैं, ये हवायें प्राचीन काल में जलयानों के लिए गति अवरोधक का कार्य करती थी। इस शांत तथा अनिश्चित हवाओं वाले भाग में प्रवेश करने पर प्राचीन काल में घोड़ा से युक्त जलयानों के संचालन में कठिनाई होती थी। इसीलिए व्यापारी जलयान का भार हल्का करने के लिए कुछ अश्वों (घोड़ो) को सागर में फेक देते थे। इसीलिए इन अक्षाशों को अश्व अक्षांश (Horse Latitude) कहा जाने लगा।
5. भूमध्यवर्ती क्षेत्रों में गहन वाष्पन के कारण होने वाली वर्षा को क्या कहते हैं?
(A) पर्वतीय वर्षा
(B) चक्रवातीय वर्षा
(C) वाताग्र वर्षा
(D) संवहनीय वर्षा
Answer: (D) संवहनीय वर्षा
Explanation: जब ऊपर उठती हई यह वायु सागरों तथा अन्य जलाशयों से आर्द्रता ग्रहण कर आकाश में पर्याप्त ऊँचाई पर पहुँच कर ओसांक तक ठंडी हो जाती है तो संघनन प्रारम्भ हो जाता है। इस प्रकार कपासी वर्षा मेघों की उत्पत्ति होती है और तीव्र वर्षा होने लगती है, जिसे संवहनीय वर्षा कहते हैं। भूमध्य रेखीय प्रदेशों में दिन में अत्यधिक सूर्यातप के कारण धरातल के अधिक गर्म हो जाने पर वायु फैलती है और हल्की होने के कारण ऊपर उठती हैं। वायु फैलती है और हलकी होने के परिणामस्वरूप समुद्र से प्रचुर मात्रा में जलवाष्प बन् कर आर्द्र वायु में मिल जाती है, जिससे उन क्षेत्रों में संवहनीय वर्षा होती है। इस प्रकार की वर्षा प्राय: दोपहर बाद प्रारम्भ होती है।
6. निम्न स्थानों में किस एक में रुधिर वर्षा होती है?
(A) इटली
(B) स्पेन
(C) कनाडा
(D) फ्रांस
Answer: (A) इटली
Explanation: सहारा मरुस्थल से भूमध्य सागर की और चलने वाली गर्म शुष्क तथा रेत भरी हवा सिरॉको कहलाती है। इस हवा के साथ लाल रेत की मात्रा अधिक होती है। जब ये हवाएँ भूमध्य सागर से होकर गुजरती हुई तथा नमी धारण कर दक्षिणी इटली में लाल रेत के साथ वर्षा प्रदान करती है, तो इसे ही रुधिर वर्षा/रक्त वृष्टि (Blood Rain) कहा जाता है।
7. एल-निनो (El-Nino) किसके ऊपर प्रकट होता है?
(A) हिंद महासागर के ऊपर
(B) अटलॉटिक महासागर के ऊपर
(C) प्रशांत महासागर के ऊपर
(D) भूमध्यसागर के ऊपर
Answer: (C) प्रशांत महासागर के ऊपर
Explanation: उष्ण कटिबंधीय प्रशांत महासागर के पूर्वी तट पर समुद्री तापमान और वायुमण्डलीय परिस्थितियों में आए परिवर्तन को एल-निनो (El-Nino) कहते हैं। यह दक्षिण अमेरिका के पश्चमी तट पर स्थित इक्वाडोर और पेरू के तटीय समुद्री जल सतह पर कुछ वर्षों के अंतराल पर घटित होती है, जिसके परिणामस्वरूप समुद्र के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है।
8. गरजने वाला चालीसा – ये शब्द निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
(A) व्यापारिक पवन
(B) भूमण्डलीय पवन
(C) पछुआ पवन
(D) ध्रुवीय पवन
Answer: (C) पछुआ पवन
Explanation: गरजता चालीसा (Roaring Forties) पछुआ पवनें होती हैं, जो केवल 40°-50° अक्षाशों पर दक्षिणी गोलार्द्ध में मुख्यत: दक्षिणी हिन्द महासागर क्षेत्र में उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर प्रवाहित होती हैं। इसके साथ प्रचण्डता झंझावात भी चलते हैं। प्रचण्डता के कारण ही इन्हें गरजता चालीसा कहा जाता है। न्यूजीलैंड की राजधानी वेलिंगटन इन्हीं पवनों के मार्ग में स्थित है।
9. व्यापारिक पवनें कहाँ से चलती है?
(A) ध्रुवीय उच्च दाब से
(B) विषुवतीय निम्न दाब से
(C) उपोष्ण उच्च दाब से
(D) अधोध्रुवीय निम्न दाब से
Answer: (C) उपोष्ण उच्च दाब से
Explanation: व्यापारिक हवाएँ (Trade Wind) उपोष्ण उच्च वायुदाब से भूमध्यरेखीय निम्न वायदाब की ओर प्रवाहित होती हैं। उत्तरी गोलार्द् में इनकी दिशा उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम तथा दक्षिणी गोलाद्द्ध में दक्षिण-पूर्व से उत्तर-पश्चिम होती है।
10. निम्नलिखित में से कौन सी बर्फ भक्षक के नाम से जानी जाती है?
(A) मिस्ट्रल
(B) चिनूक
(C) लू
(D) हरमट्टन
Answer: (B) चिनूक
Explanation: चिनूक (Chinook) गर्म एवं शुष्क पवन है, जो उत्तरी अमेरिका के रॉकी पर्वत श्रेणी के पूर्वी ढालों पर प्रवाहित होती है। यह अल्बर्टा, पश्चिमी सस्कैचवान तथा मोण्टाना राज्यों को प्रभावित करती है। बसंत ऋतु में इस पवन के प्रभाव से अचानक तापमान में वृद्धि हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप हिम (बर्फ) तेजी से पिघलने लगती है। इसीलिए इस पवन को हिम भक्षक (Snow Eaters) क नाम से जाना जाता है।
11. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा सत्य है?
(A) पृथ्वी की धरातलीय विषमता पवनों की गति को प्रभावित करती है।
(B) पृथ्वी के परिक्रमण के कारण वायु पर कोरिऑलिस बल लगता है।
(C) A और B दोनों
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (A) पृथ्वी की धरातलीय विषमता पवनों की गति को प्रभावित करती है।
Explanation: क्षैतिज रूप से गतिशील वायु को पवन कहते हैं। पवनें उच्च दाब से निम्न दाब की ओर प्रवाहित होती हैं। भूतल पर धरातलीय विषमताओं के कारण घर्षण पैदा होता है, जो पवनों की गति को प्रभावित करता है। जब पृथ्वी के घूर्णन के कारण पवनें अपनी मूल दिशा से विक्षेपित हो जाती हैं, तो उसे कोरिऑलिस बल कहा जाता है। विषुवत वृत पर कोरिऑलिस बल शून्य होता है और पवनें समदाब रेखाओं के समकोण पर प्रवाहित होती है। यही कारण है कि विषुवत वृत्त के निकट उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का अभाव पाया जाता है।
12. किस प्रकार के वन प्रदेश को विश्व का फलोद्यान कहते हैं?
(A) शीतष्ण पर्णपाती वन
(B) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
(C) शीतोष्ण सदाबहार वन
(D) भूमध्यसागरीय वन
Answer: (D) भूमध्यसागरीय वन
Explanation: भूमध्यसागरीय वन प्रदेश को फलों की कृषि के कारण विश्व का फलोद्यान (Fruit Garden of the World) भी कहा जाता है। इन क्षेत्रों में आमतौर पर संतरा, अंजीर, जैतून एवं अंगूर जैसे फलों की खेती की जाती है।
13. पहाडी ढालों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए निम्न में से कौन-सी विधि सबसे उपयुक्त है?
(A) समोच्च रेखीय जुताई
(B) रक्षक मेखला
(C) वेदिका कृषि
(D) मल्चिंग विधि
Answer: (A) समोच्च रेखीय जुताई
Explanation: पर्वतीय ढालों पर समोच्च रेखीय जुताई मृदा अपरदन रोकने की सबसे उपयुक्त विधि है। किसी पहाड़ी ढाल पर समोच्च रेखाओं के समान्तर जुताई, ढाल से नीचे बहते जल के लिए एक प्राकृतिक अवरोध का निर्माण करती है। जबकि तटीय और शुष्क प्रदेशों में पवनों की गति को रोकने के लिए वृक्षों को कतारों में लगाया जाता है, ताकि मुदा आवरण को बचाया जा सके। इस विधि को रक्षक मेखला विधि कहते हैं।
14. अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) प्रायः कहाँ पर होता है?
(A) कर्क रेखा के निकट
(B) विषुवत वृत्त के निकट
(C) मकर रेखा के निकट
(D) आर्कटिक वृत्त के निकट
Answer: (B) विषुवत वृत्त के निकट
Explanation: अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) विषुवत वृत्त के निकट पाया जाने वाले वह क्षेत्र है, जहाँ उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें मिलती हैं । इन दोनों पवनों के मिलने से विषुवतीय पछुआ पवनों की उत्पत्ति होती है।
15. उष्णकटिबंधीय चक्रवात के संबंध में चक्रवात का लैंडफाल क्या कहलाता है?
(A) चक्रवात का धीरे-धीरे क्षीण होकर खत्म होना।
(B) चक्रवात का समुद्री तट को पार करके स्थल पर पहुँचना।
(C) चक्रवात का कपासी मेघों से संघनन प्रक्रिया द्वारा ऊर्जा प्राप्त करना।
(D) चक्रवात को स्थल से आर्द्रता की आपूर्ति का बाधित होना।
Answer: (B) चक्रवात का समुद्री तट को पार करके स्थल पर पहुँचना।
Explanation: कर्क रेखा और मकर रेखा के मध्य दोनों गोलार्ध में 5°-25° अक्षांशों के मध्य उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति होती है। ये सागरों के ऊपर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं, परन्तु स्थल पर पहुँचते-पहुँचते क्षीण हो जाते हैं। इसीलिए ये महाद्वीपों के तटीय भागों पर अधिक प्रभावी रहते हैं। वह स्थान जहाँ से उष्णकटिबंधीय चक्रवात समुद्री तट को पार करके स्थल पर पहुँचते हैं, चक्रवात का लैंडफाल कहलाता है। उष्णकटिबंधीय चक्रवात को संयुक्त राज्य अमेरिका में हरिकेन तथा चीन में टायफून कहा जाता हैं।
16. निम्नलिखित में से किन कारकों पर वनस्पति की वद्धि निर्भर करती है?
(A) तापमान
(B) मिट्टी की परत की मोटाई
(C) नमी (आर्द्रता)
(D) उपर्युक्त सभी
Answer: (D) उपर्युक्त सभी
Explanation: वनस्पति की वृद्धि तापमान एवं आर्द्रता पर निर्भर करती है। इसके अतिरिक्त यह ढाल एवं मिट्टी की परत की मोटाई जैसे कारकों पर भी निर्भर करती है। किसी स्थान की ऊँचाई एवं वनस्पति की विशेषताएँ एक- दूसरे से सम्बंधित हैं। ऊँचाई में परिवर्तन के साथ तापमान एवं आर्द्रता में परिवर्तंन होता है, इसके कारण प्राकृतिक वनस्पति में भी परिवर्तन आता है।
17. मूदा निर्माण के सम्बंध में नीचे दिये गये कथनों में से कौन-सा/से सत्य है/हैं?
(A) मृदा अपक्षय की प्रक्रिया के माध्यम से बनती है।
(B) वनस्पति, प्राणी और सूक्ष्म जीव ह्युमस निर्माण की दर को प्रभावित करते हैं।
(C) उच्चावच तुंगता और ढाल मृदा परिच्छेदिका की मोटाई को निश्चित करते हैं।
(D) A और B दोनों
Answer: (A) मृदा अपक्षय की प्रक्रिया के माध्यम से बनती है।
Explanation: मृदा का निर्माण अपक्षय प्रक्रिया के माध्यम से चट्टानों से प्राप्त खनिजों और जैव पदार्थों तथा भूमि पर पाये जाने वाले खनिजों से होता है। मृदा निर्माण की प्रक्रिया विभिन्न कारकों द्वारा प्रभावित होती है-
1. जलवायु, तापमान, वर्षा, अपक्षय और ह्युमस मुदा निर्माण की दर को प्रभावित करते हैं।
2. समय, मृदा परिच्छेदिका की मोटई को निश्चित करता है।
3. वनस्पति, प्राणी और सूक्ष्य जीव मृदा में ह्युमस निर्माण की दर को प्रभावित करते हैं।
4. उच्चावच, तुंगता और ढाल मृदा के गुण को निर्धारित करते हैं
5. जनक शैल, मृदा के रंग व संगठन, रासायनिक गुणधर्म, खनिज की मात्रा एवं पारगम्यता को निर्धारित करती हैं।
18. उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों के संदर्भ में नीचे दिये गये कथनों में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
(A) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन मानसूनी वन होते हैं।
(B) इन वनों के वृक्ष जल संरक्षित करने के लिए शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ त्याग देते हैं।
(C) A और B दोनों
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (C) A और B दोनों
Explanation: उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन मानसूनी वन होते हैं, जो भारत, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया एवं मध्य अमेरिका के विस्तृत भागों में पाये जाते हैं। इन क्षेत्रों में मौसमी परिवर्तन होते रहते हैं। शुष्क मौसम में जल संरक्षित करने के लिए यहाँ के वृक्ष अपनी पत्तियाँ गिरा देते है।
