जीवों का वर्गीकरण से संबंधित प्रश्न उत्तर || Biology Classification Questions in Hindi.

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Biology Classification Questions in Hindi

1. वर्गीकरण विज्ञान (Taxonomy) का जनक किसे कहा जाता है?
(A) अरस्तू
(B) कैरोलस लीनियस
(C) हिप्पोक्रेट्स
(D) व्हिटेकर



उत्तर (B)
कैरोलस लीनियस को वर्गीकरण विज्ञान का जनक (Father of Taxonomy) कहा जाता है। ये स्वीडन के वनस्पति शास्त्री एवं जीव विज्ञानी थे जिन्होंने सर्वप्रथम अपनी पुस्तक सिस्टेमा नैचुरी (Systema Naturae 1758 ई.) में जीवों के वैज्ञानिक नाम एवं उनके वर्गीकरण की व्यवस्थित प्रणाली प्रस्तुत की। लीनियस ने सम्पूर्ण प्रकृति को तीन जगत (Kingdoms ) – जन्तु (Animalia) पादप (Plantae) तथा खनिज (Minerals) में विभाजित किया। उन्होंने पादप जगत को 24 वर्गों तथा जन्तु जगत को 6 वर्गों में विभाजित किया।

2. जीवों के वैज्ञानिक नामकरण कौन-सी पद्धति है?
(A) द्विनाम पद्धति
(B) बहुनाम पद्धति
(C) संघ पद्धति
(D) वर्ग पद्धति




उत्तर (A)
जीवों का वैज्ञानिक नाम कैरोलस लीनियस द्वारा प्रस्तुत द्विनाम नामकरण (Binomial Nomenclature) पद्धति के आधार पर किया जाता है। इसमें जीव को लेटिन भाषा में एक विशिष्ट नाम दिया जाता है जिसके दो भाग होते है पहला भाग इस जीव के वंश (Genes) को तथा दूसरा भाग उसकी जाति (Spices) को व्यक्त करता है। अंग्रेजी में वंश के नाम का पहला अक्षर बड़ा (Capital) तथा जाति का नाम छोटे अक्षरो (Small Letters) से लिखा जाता है। उदाहरणत: होमो सेपियन्स (Homo sapiens- बुद्धिमान मानव )

3. इनमें से कौन जीवों के वर्गीकरण का उद्देश्य नहीं है?
(A) कुछ निश्चित लक्षणों के आधार पर जीवों की पहचान करना।
(B) समरूपता तथा सम्बंधों के आधार पर प्रजातियों को उचित वर्गों के क्रम में रखना।
(C) जीवों के विकासीय परिवर्तन को दर्शाना।
(D) भिन्न-भिन्न भाषाओं में जीवों के नाम दर्शाना।



उत्तर (D)
जीवों की शारीरिक संरचना उनके विशिष्ट लक्षणों परस्पर समरूपता एवं सम्बंध तथा उनके विकासीय परिवर्तनों को दर्शाने के लिए जीवों का वैज्ञानिक वर्गीकरण किया गया है। इसके अन्तर्गत प्रत्येक जीव को लैटिन भाषा में एक नाम दिया जाता है। यद्यपि क्षेत्रीय स्तर पर जीवों के भिन्न-भिन्न नाम हो सकते हैं परन्तु वैज्ञानिक वर्गीकरण के अन्तर्गत उन्हें लैटिन नाम ही प्रदान किए गए हैं ताकि सम्पूर्ण विश्व में उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके।

4. जीवों के वर्गीकरण की आधुनिक प्रणाली में सबसे छोटी इकाई कौन है?
(A) वंश
(B) कुल
(C) जाति
(D) संघ




उत्तर (C)
आधुनिक प्रणाली में जीवों के वर्गीकरण का अवरोही क्रम (Descending Order) निम्नवत है जगत (Kingdom)- संघ (Phylum ) वर्ग (Class) – गुण ( order) कुल (Family)- वंश (Genus) जाति (Species) । स्पष्ट है कि, जगत वर्गीकरण को सर्वोच्च इकाई तथा जाति निम्नतम इकाई है।

5. पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली प्रस्तुत करने वाला वैज्ञानिक का क्या नाम था?
(A) केरोलस लीनियस
(B) हेकल
(C) कोपलैण्ड
(D) ह्रिटेकर



उत्तर (D)
जीव जगत के वर्गीकरण की निम्नलिखित वर्गीकरण प्रणालियाँ प्रस्तुत की गई जो निम्नवत हैं
• दो जगत वर्गीकरण (कैरोलस लीनियस)
• तीन जगत वर्गीकरण (हेकल)
• चार जगत वर्गीकरण (कोपलैण्ड)
• पाँच जगत वर्गीकरण (आर.एच. व्हिटेकर)
Note:- व्हिटेकर द्वारा प्रस्तुत वर्गीकरण में पाँच जगत बताए गए मोनेरा (Monera), प्रोटिस्टा (Protista), पादप (Plantae), कवक (Fungi) तथा जन्तु (Animalia))



6. जन्तुओं एवं पादपों के वैज्ञानिक वर्गीकरण से सम्बंधित विज्ञान की शाखा क्या कहलाती है?
(A) पदानुक्रम
(B) वर्गिकी
(C) आनुवंशिकी
(D) आकृति विज्ञान




उत्तर (B)
जीवों (जन्तुओं एवं पादपों) के वैज्ञानिक वर्गीकरण से सम्बंधित विज्ञान की शाखा वर्गिकी (Taxonomy) कहलाती है। जीवों के वर्गीकरण की प्रक्रिया आकृतिकी (Morphology), पारिस्थितिकी (Ecology) एवं आनुवंशिकी (Geneties) पर आधारित है।

7. कौन सा जीव मोनेरा जगत में शामिल नहीं है-:
(A) जीवाणु
(B) नील हरित शैवाल
(C) माइकोप्लाज्मा
(D) कवक



उत्तर (D)
जीवाणु, नील हरित शैवाल तथा माइकोप्लाज्मा मोनेरा जगत में शामिल हैं। मोनेरा जगत (Kingdom Monera) में एक कोशिकीय प्रोकैरियॉटिक जीव शामिल किए जाते हैं जिनमें केन्द्रक का अभाव होता है। इन जीवों को दो वर्गों में विभाजित किया जाता है आर्किया (Archaea) अथवा आर्कीबैक्टीरिया (Archaebacteria) तथा यूबैक्टीरिया (Eubacteria) अथवा बैक्टीरिया (Bacteria ) । कवक मोनेरा जगत में नहीं बल्कि प्रोटिस्टा जगत में शामिल किए जाते हैं।




8 विषाणु किस जगत में शामिल किए जाते हैं?
(A) प्रोटिस्टा
(B) मोनेरा
(C) प्रोटोजोआ
(D) इनमें से किसी में नहीं



उत्तर (D)
विषाणु (Virus) अतिसूक्ष्म एवं अकोशिकीय (Non-Cellular) संरचना वाले न्यूक्लियो प्रोटीन (Nucleoprotein) कण है जिनमें प्रोटीन के आवरण (Capsid) से घिरा न्यूक्लिक अम्ल पाया जाता है। विषाणु जीवित परपोषी के शरीर में पहुँचकर सजीवों के समान लक्षण प्रकट करते हैं परन्तु स्वतंत्र अवस्था में निर्जीवों के समान व्यवहार करते हैं। इसीलिए इन्हें सजीव एवं निर्जीव के बीच की कड़ी माना जाता है। विषाणुओं को जन्तुओं के वर्गीकरण में किसी भी जगत में शामिल नहीं किया गया है।

9. इनमें से कौन जीवाणुओं के सम्बंध में सत्य नहीं है?
(A) मोनेरा जगत से सम्बंधित
(B) एक कोशिकीय जीव
(C) केन्द्रक युक्त
(D) स्वपोषी



उत्तर (C)
जीवाणु मोनरा जगत में शामिल एक कोशिकीय जीव हैं जिनकी कोशिकाओं में केन्द्रक नहीं पाया जाता है। अधिकांश जीवाणु विषमपोषी (Heterotroph) होते हैं परन्तु कुछ जीवाणु स्वपोषी (Autotroph) भी होते हैं जो प्रकाश संश्लेषण अथवा रसायन संश्लेषण के माध्यम से अपने भोजन का निर्माण करते हैं।

10. अब तक खोजी गई सबसे छोटी जीवाणु कोशिकाएँ कौन हैं?
(A) शैवाल
(B) विषाणु
(C) माइकोप्लाज्मा
(D) कवक




उत्तर (C)
माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma), प्रोकैरियोटिक जीव है जिनमें कोशिका भित्ति का अभाव होता है। ये अब तक ज्ञात सबसे छोटी जीवाणु कोशिकाएं हैं। ये जीव मानवों पशुओं पादपों कीटों तथा मृदा आदि में पाए जाते हैं। कोशिका भित्ति नहीं होने के कारण इन पर प्रतिजैविकों (Antibiotics) का प्रभाव नहीं पड़ता है जैसे पेनिसिलीन, बीटालैक्टम आदि।

11. कवकों के विषय में असत्य कथन है
(A) कवकों का अध्ययन माइकोलॉजी के अन्तर्गत किया जाता है।
(B) कवक उन स्थानों पर पाए जाते हैं जहाँ जीवित अथवा मृत कार्बनिक पदार्थ की उपस्थिति होती है।
(C) कवक अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
(D) यीस्ट एवं मशरूम कवक के उदाहरण हैं।



उत्तर (C)
कवक (Fungi) एक कोशिकीय अथवा बहुकोशिकीय यूकैरियोटिक जीव है जिनकी कोशिकाओं में केन्द्रक एवं केन्द्रक कला पायी जाती है। बहुकोशिकीय कवकों का शरीर धागे जैसे कवक सूत्रों (Hyphae) से बना होता है। इनमें पर्णहरित (Chlorophyll) नहीं पाया जाता है इसलिए ये अपना पोषण अन्य पौधों एवं जन्तुओं से प्राप्त करते हैं। पोषण के आधार पर कवक तीन प्रकार के होते हैं- सहजीवी (Symbiotic), परजीवी (Parasite) तथा मृतोपजीवी (Saprophyte)

12. कवकों का प्रयोग किया जाता है-
(A) खाद्य पदार्थ के रूप में
(B) एल्कोहल निर्माण में
(C) ब्रेड बनाने में
(D) उपर्युक्त सभी में



उत्तर (D)
कवकों का विशेष आर्थिक महत्व है। इनकी विभिन्न प्रजातियों का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। एगरिकस बिस्पोरस (मशरूम) तथा मोर्शेला का उपयोग सब्जी के रूप में सैकेरोमाइसीज सेरेविसी (यीस्ट) का उपयोग ब्रेड तथा एल्कोहल निर्माण में किया जाता है। इसके अतिरिक्त कवकों से एन्जाइम एवं एन्टीबायोटिक्स भी प्राप्त किये जाते हैं।

13. लाइकेन के संबंध में असत्य कथन कौन है-
(A) लाइकेन थैलोफाइटा प्रकार की वनस्पति है।
(B) ये कवक तथा शैवालों के सहजीवन का परिणाम हैं।
(C) अनेक औषधियों के निर्माण में इनका प्रयोग होता है।
(D) ये मृदा को हानि पहुँचाते हैं।



उत्तर (D)
लाइकेन एक थैलोफाइटा प्रकार की वनस्पति है जो कवक (Fungi) तथा शैवालों (Algae) के मध्य सहजीवी (Symbiotic) व्यवहार के फलस्वरूप उत्पन्न होती है। इस सहजीवन में कवक शैवालों का जल खनिज लवण, विटामिन आदि प्रदान करते हैं। जबकि शैवाल प्रकाश संश्लेषण के द्वारा कार्बोहाइड्रेट का निर्माण कर कवकों को पोषण प्रदान करते हैं। लाइकेन का प्रयोग मिर्गी खाँसी पीलिया डायरिया आदि रोगों की औषधि के निर्माण में तथा खाद्य पदार्थ के रूप में भी किया जाता है। ये मृदा का हानि नहीं पहुंचाते बल्कि मृदा निर्माण में सहायक होते हैं।

14. शैवालों के विषय में सत्य कथन की पहचान कीजिए।
(A) शैवालों का अध्ययन फाइकोलॉजी (Phycology) के अन्तर्गत किया जाता है।
(B) प्रायः ये प्रकाश संश्लेषण के द्वारा अपने भोजन का निर्माण करते हैं।
(C) विश्व का लगभग 75% ऑक्सीजन शैवालों द्वारा किया जाता है।
(D) उपर्युक्त सभी।




उत्तर (D)
शैवाल (Algae) पादप जगत के सबसे सरल जीव हैं जिनमें प्राय: पर्णहरित (Chlorophayll) पाया जाता है। इसलिए ये प्रकाश संश्लेषण के द्वारा स्वपोषित होते हैं। शैवाल ताजे जल समुद्र आर्द्र मृदा पेड़ा एवं चट्टानों आदि पर पाए जाते हैं। विश्व का लगभग 75 प्रतिशत ऑक्सीजन शैवालों द्वारा उत्पन्न किया जाता है। शैवालों का अध्ययन फाइकोलॉजी के अन्तर्गत किया जाता है।




15. लाल सागर को यह नाम क्यों दिया गया?
(A) अम्ल वर्षा के कारण
(B) विशिष्ट शैवालों की उपस्थिति के कारण
(C) इसकी विशिष्ट अवस्थिति के कारण
(D) इनमें से कोई नहीं



उत्तर (B)
लाल सागर में ट्राइकोडेस्मियम एरिथ्रियम नामक नील हरित शैवाल बहुतायत में पाए जाते हैं। जब ये शैवाल मर जाते है तो सागर का सामान्य नीला हरा जल लाल भूरा प्रतीत होने लगता है। इसी कारण लाल सागर को यह विशिष्ट नाम प्रदान किया गया है।

16. पादप जगत के वर्ग हैं
(A) थैलोफाइटा
(B) प्रायोफाइटा
(C) ट्रैकियोफाइटा
(D) ये सभी



उत्तर (D)
जीवों के आधुनिक वैज्ञानिक वर्गीकरण के अनुसार वे सभी बहुकोशिकीय जीव जिनकी कोशिकाओं में केन्द्रक उपस्थित होता है तथा जो प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से स्वपोषित होते हैं। पादप जगत (Kingdom Plantae) में शामिल किये गए हैं। पादप जगत को मुख्यतः तीन संघों में विभाजित किया गया है. (1) थैलोफाइटा (Thallophyta) (2) ब्रायोफाइटा (Bryophyta) (3) ट्रैकियोफाइटा (Tracheophyta)।

17. थैलोफाइटा संघ के अंतर्गत शामिल नहीं है
(A) शैवाल
(B) कवक
(C) स्फेगनम
(D) लाइकेन



उत्तर (C)
थैलोफाइटा पादप जगत का एक संघ (Phyla) है जिसके अन्तर्गत सबसे सरल पादप शामिल किए जाते हैं। इन पादपों का शरीर जड़ तना तथा पत्तियों में विभाजित न होकर एक थैलस (Thallus ) के रूप में होता है। इन पादपों में संवहन ऊतकों (Vascular Tissue) का भी अभाव होता है। थैलोफाइटा संघ के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के शैवाल कवक एवं लाइकेन शामिल किए जाते हैं।

18. नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले शैवाल है-
(A) नॉस्टॉक एवं एनाबीना
(B) सारगासम
(C) कारा
(D) लेमिनेरिया



उत्तर (A)
नॉस्टॉक एवं एनाबीना नामक शैवाल वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करते है। सारगासम शैवाल से जापान में कृत्रिम ऊन तैयार की जाती है तथा इसका प्रयोग पशुओं के चारे के रूप में भी होता है कारा नाम शैवाल का उपयोग मलेरिया रोग के उपचार में किया जाता है तथा लेमिनेरिया से आयोडीन प्राप्त किया जाता है।

19. जिन पादपों में भोजन व जल के संवहन के लिए संवहन तंत्र पाया जाता है ये किस पादप संघ के अन्तर्गत आते हैं.
(A) थैलोफाइटा
(B) ब्रायोफाइटा
(C) ट्रैकियोफाइटा
(D) ब्रायोप्सिडा



उत्तर (C)
जिन पादपों में भोजन व जन के संवहन के लिए जाइलम तथा फ्लोएम नामक संवहनी ऊतक (Vascular Tissues) पाए जाते हैं। उन्हें ट्रैकियोफाइटा नामक पादप संघ के अन्तर्गत रखा जाता है। ट्रैकियोफाइटा संघ को तीन वर्गों में विभाजित किया गया है टेरिडोफाइटा (Pteridophyta) 2 आनावृतबीजी (Gymnosperm) 3. आवृतबीजी (Angiosperm)।

20. टेरिडोफाइटा पादप वर्ग के विषय में सत्य कथन है-
(A) ये बीजरहित पादप हैं।
(B) इनमें बीजाणुओं द्वारा प्रजनन होता है।
(C) इनका शरीर जड़ तना तथा पत्तियों में विभाजित रहता है।
(D) उपर्युक्त सभी




उत्तर (D)
टेरिडोफाइटा वर्ग के पादपों में उपर्युक्त सभी विशेषताएँ पायी जाती हैं। ये पादप नमी वाले स्थानों पर पाए जाते हैं। इनमें संवहन तंत्र ( जाइलम एवं फ्लोएम) उपस्थित होता है परन्तु पुष्प और बीज का निर्माण नहीं होता है। इसीलिए टेरिडोफाइटा को विकसित बीजरहित पौधा कहा जाता है।

21 संघ-पोरीफेरा (Phylum Porifera) के जीवों की विशेषता नहीं है-
(A) ये एक कोशिकीय होते हैं।
(B) इनमें नाल तंत्र नहीं पाए जाते हैं।
(C) इनके शरीर पर काँटेनुमा संरचनाएँ होती हैं।
(D) इनके शरीर में असंख्य छिद्र पाए जाते हैं।



उत्तर (A)
संघ पोरीफेरा के जीव अत्यंत साधारण बहुकोशिकीय जीव हैं। जिनमें नाल तंत्र (Canal System) पाया जाता है जिससे इनके पूरे शरीर में जल प्रवाहित होता है। ये अलैंगिक (Asexual) तथा लैंगिक (Sexual) दोनों प्रकार से प्रजनन करते हैं। साइकॉन स्पॉन्जिला आदि इस संघ के प्रमुख जीव हैं।

22 सूत्र कृमि (Thread Worm) किस संघ से सम्बंधित हैं?
(A) एनेलिडा
(B) एस्केल्मिन्थीज
(C) प्लेटिहेल्मिन्थीज
(D) आथ्रोपोडा



उत्तर (B)
सूत्र कृमि अथवा गोल कृमि एस्केल्मिबीज अथवा निमेटोडो संघ के अन्तर्गत आते हैं। इनका शरीर पतले धागे के समान बेलनाकार होता है जो दोनों सिरों पर नुकीला होता है। ये कृमि जल तथा स्थल दोनों भागो पर पाये जाते हैं। ये परजीवी होते हैं।

23. निम्नलिखित जीवों तथा उनसे सम्बंधित संघ को सुमेलित कीजिए-


सूची-I                          सूची-II

(A) केंचुआ                    1. आथ्रोपोडा

(B) मकड़ी                     2. मोलस्का

(C) सीप                        3. एनेलिडा

(D) मेंढक                      4. कॉर्डेटा



             (A)          (B)           (C)            (D)


(A)          1             2               3                4

(B)          3             1                2               4

(C)          4             1                2                3

(D)          3             2                 4               1




उत्तर (B)
* संघ एनेलिडा में खण्डयुक्त अथवा वलय (Rings) जैसी संरचना वाले जन्तु शामिल किए जाते हैं। ये एकलिंगी तथा उभयलिंगी दोनों प्रकार के हो सकते हैं। उदाहरण केंचुआ।
* संघ आर्थोपोडा जन्तु जगत का सबसे बड़ा संघ है जिसमें लगभग 10 लाख जन्तु शामिल हैं। इनका शरीर सिर (Head) वक्ष (Thorax) तथा उदर (Abdomen) में विभाजित होता है। उदाहरण: मकड़ी केकड़ा मधुमक्खी मच्छर आदि ।
* संघ मोलस्का अकशेरुकी तथा कशेरुकी जन्तुओं का सबसे बड़ा संघ है। जिसमें कोमल शरीर एवं कवच (Shell) वाले जन्तु शामिल किए जाते हैं उदाहरण: सीप ऑक्टोपस आदि।
* संघ कॉर्डेटा के जीवों में शरीर के अंगतंत्र पूर्ण विकसित होते हैं। इनके जीवन चक्र में किसी-न-किसी अवस्था में एक पृष्ठ रज्जु (Dorsal Nerve Cord) पायी जाती है उदाहरण: मेंढक मछली मनुष्य आदि।

24. संघ – सीलेंट्रेटा (Phylum Coelenterata) के जीवों का सर्वप्रमुख लक्षण क्या है?
(A) विभिन्न अंग तंत्रों की उपस्थिति
(B) एक कोशिकीय होना
(C) शरीर में अंतरगुहा की उपस्थिति
(D) मस्तिष्क की उपस्थिति



उत्तर (C)
संघ सीलेंट्रेटा के जीवों के शरीर में एक ही गुहा (Cavity) पायी जाती है जिसे अंतरगुहा (Coelenteron) कहते हैं। इनके मुख के चारों ओर लम्बे संस्पर्शक (Tentacles) पाए जाते हैं। इनमें मस्तिष्क सिर श्वसन तंत्र उत्सर्जन तंत्र तथा परिसंचरण तंत्र का अभाव होता है। उदाहरण हाइड्रा समुद्री एनीमोन आदि।



25. अकशेरुकी तथा कशेरुकी नामक किन दो वर्गों में विभाजित है?
(A) संघ मोलस्का
(B) संघ कॉर्बेटा
(C) संघ प्रोटोजोआ
(D) संघ सीलेन्ट्रेटा



उत्तर (B)
संघ कोटा में शामिल जन्तुओं को कशेरुकी दण्ड (Back Bone) की उपस्थिति के आधार पर दो वर्गों में विभाजित किया जाता है। ये जीव जिनमें कशेरुक दण्ड नहीं पाया जाता उन्हें अकशेरुकी (Protochordates) तथा जिनमें कशेरुकी दण्ड पाया जाता है उन्हें कशेरुकी (Vertebrates) कहा जाता है।

26. अनियततापी जन्तुओं (Cold Blooded Animals) की श्रेणी में आते हैं-
(A) मत्स्य
(B) उभयचर
(C) सरीसृप
(D) उपर्युक्त सभी



उत्तर (D)
ऐसे जन्तु जो वातावरण के ताप के अनुसार अपने शरीर का ताप नियंत्रित कर लेते हैं अनियततापी जन्तु कहलाते हैं। इनके अन्तर्गत मत्स्य उभयचर सरीसृप वर्गों को शामिल किया जाता है। इसके विपरीत जिन जन्तुओं के शरीर का ताप एक निश्चित स्तर पर स्थिर रहता है वे नियत तापी जन्तु (Warm Blooded Animals) कहलाते हैं। इसके अन्तर्गत पक्षी तथा स्तनधारी वर्ग को शामिल किया जाता है।

27. मछली का वाताशय (Air Bladder) किस रूप में कार्य करता करता है?
(A) सहायक श्वसन अंग के रूप में
(B) द्रवस्थैतिक अंग के रूप में
(C) सहायक श्वसन अंग और द्रवस्थैतिक अंग दोनों के रूप में
(D) मुख्य श्वसन अंग के रूप में



उत्तर (C)
मछली का वाताशय (Air Bladder or Swim Bladder) एक सहायक श्वसन अंग (Accessory Respiratory Organ) तथा द्रवस्थैतिक अंग (Hydrostatic Organ) दोनों के रूप में कार्य करता है। यह मछलियों की देहगुहा (Body Cavity) में स्थित होता है जिनमें वायु (मुख्यत ऑक्सीजन) भरी रहती है। इसके कारण मछलियाँ बिना डूबे अथवा सतह पर आए बिना जल में एक निश्चित गहराई पर बनी रहती है।

28. पक्षी और चमगादड़ दोनों उड़ने में सक्षम होते हैं. फिर भी चमगादड़ पक्षियों से भिन्न है क्यों?
(A) चार वेश्मों वाला हृदय होने के कारण
(B) मध्यपट (डायफ्राम) के कारण
(C) पंखों के कारण
(D) लघु मस्तिष्क के कारण



उत्तर (B)
पक्षी और चमगादड़ दोनों की शारीरिक संरचन अंतर होता है। चमगादड़ों में मनुष्यों की तरह मध्यपट (Diaphragm) पाया जाता है पक्षियों में इसके स्थान पर वायुकोष (Air Sacs) पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त चमगादड़ बच्चों को जन्म देते हैं जबकि पक्षी अण्डे देते हैं।

29. भारत के राष्ट्रीय पशु का वैज्ञानिक नाम क्या है?
(A) पैन्थेरा लिओ
(B) पैन्थेरा टाइग्रिस
(C) एलिफैस इण्डिकस
(D) बोस डोमेस्टिकस



उत्तर (B)
भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ (Tiger) है जिसका वैज्ञानिक नाम पैन्थेरा टाइग्रिस (Panthera Tigris) है। भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में यह भारत की वन्य जीव सम्पदा का प्रतीक है। विश्व के लगभग दो-तिहाई बाघ भारत में पाए जाते हैं। बाघों के संरक्षण के लिए वर्ष 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर प्रारम्भ किया गया था।

30. शीत ऋतु में पशुओं के प्रसुप्ति-काल को क्या कहते हैं?
(A) ऐस्टीवेशन
(B) रीजनेरेशन
(C) हाइबरनेशन
(D) म्यूटेशन



उत्तर (C)
शीत ऋतु में बहुत से पशुओं की शारीरिक क्रियाओं (उपापचय श्वसन आदि) की दर तथा तापमान कम हो जाता है और उनमें निष्क्रियता आ जाती है। सामान्यतः वे लम्बे समय तक एक ही स्थान पर पड़े रहते हैं। यह स्थिति शीत-निष्क्रियता प्रसुप्ति काल अथवा शीत-निद्रा (Hibernation) कहलाती है। शीत निष्क्रियता में जाने से पहले ये पशु सामान्य मात्रा से अधिक भोजन ग्रहण करना प्रारम्भ कर देते हैं तथा एक सुरक्षित स्थान की खोज करते हैं जहाँ ये इस अवधि में सुरक्षित रह सके।

31. सबसे बड़ा एक कोशिकीय जीव है-
(A) बीस्ट
(B) कॉलेरपा टैक्सीफोलिया
(C) एजेटोबैक्टर
(D) अमीबा



उत्तर (B)
कॉलेरपा टैक्सीफोलिया (Caulerpa Taxifolia) सबसे बड़ा एक कोशिकीय जीव (Unicellular Organism) है। यह हरे शैवाल की एक प्रजाति है जो 6 से 12 इंच तक वृद्धि कर सकती है।

32. जल में तैरने वाले पक्षियों में क्या विशेषता होती है?
(A) जालयुक्त पैर
(B) चौड़े पंख
(C) लंबी चोंच
(D) पंजों वाली उंगलियाँ



उत्तर (A)
जल में तैरने वाले पक्षियों में जालयुक्त (Webbed Feet) होते हैं अर्थात् इनकी अंगुलियाँ एक जाल द्वारा परस्पर जुड़ी होती हैं। । इनकी सहायता से ये पक्षी जल को पीछे की ओर धकेलते हैं। जल में तैरने वाले पक्षियों में बत्तख वॉटर रेल आदि प्रमुख हैं।

33. निम्न में से कौन-सा सर्प विषरहित है?
(A) किंग कोबरा
(B) रसेल वाइपर
(C) टाइगर स्नेक
(D) अजगर



उत्तर (D)
अजगर (Python) विश्व का सबसे लम्बा सर्प है जो 33 फीट अथवा इससे भी अधिक लम्बा हो सकता है। यह एक विषरहित (Non-Venomous) सर्प है क्योंकि इसमें विष ग्रंथियों (Venom Glands) का अभाव होता है।

34. वह अकशेरुकी जन्तु जो उभयलिंगी नहीं है-
(A) फीता कृमि
(B) हाइड्रा
(C) केंचुआ
(D) कॉकरोच



उत्तर (D)
कॉकरोच अथवा तिलचट्टा आर्थ्रोपोडा संघ का जन्तु है। इस संघ के जन्तु प्रायः एकलिंगी (Unisexual) होते हैं। इनका शरीर त्रिस्तरीय संरचना (सिरा वक्ष एवं उदर) में विभाजित होता है। इनके जीवन चक्र की प्रारंभिक अवस्था लार्वा अवस्था होती है। बाद में ये विकसित होकर वयस्कों (Adults) में परिवर्तित हो जाते हैं।

35. कॉड निम्न में से किसकी प्रजाति है?
(A) बकरी
(B) मछली
(C) फसल
(D) प्रवाल (कोरल)



उत्तर (B)
कॉड (Cod) गैडस वंश (Genus Gadus) की मछलियों का सामान्य नाम है जो सामान्यत समुद्रों अथवा झीलों की तलहटी (Sea Floor or Lak Beds) में रहती हैं। कॉड वाणिज्यिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मछली है। इसकी मुख्यतः तीन प्रजातियाँ पायी जाती है. अटलांटिक कॉड पैसिफिक कॉड तथा ग्रीनलैण्ड कॉड

36. सबसे बड़ा स्थलीय जीव कौन है?
(A) शुतुरमुर्ग
(B) हाथी
(C) नीली ह्वेल/व्हेल
(D) जिराफ



उत्तर (B)
सबसे बड़ा स्थलीय जीव हाथी है जबकि सबसे बड़ा स्तनधारी जीव नीली व्हेल मछली है। शुतुरमुर्ग सबसे बड़ा पक्षी है परन्तु यह उड़ नहीं सकता है एवं इसका अण्डा सबसे बड़ी कोशिका का उदाहरण है।

37. पक्षियों के वैज्ञानिक अध्ययन को क्या कहते हैं?
(A) लिम्नोलोजी
(B) हर्पिटोलोजी
(C) मैलाकोलोजी
(D) ऑर्निथोलोजी



उत्तर (D)
(i) लिम्नॉलोजी (Limnology) : तालाबोंः पोखरों, झीलों आदि के जीवों का अध्ययन।
(ii) हर्पिटोलोजी (Herpetology) : उभयचरों एवं सरीसृपों का अध्ययन।
(iii) मैलाकोलोजी (Malacology) : मोलस्का संघ के जीवों का अध्ययन ।
(iv) ऑर्निथोलोजी (Ornithology): पक्षियों का वैज्ञानिक अध्ययन ।


                           महत्वपूर्ण तथ्य

सबसे छोटा जीवाणु                 डायलिस्टर न्यूमोसिन्टस

सबसे बड़ा जीवाणु                   थायोमार्गरीटा नामीबिसन्सिस

सबसे छोटा पक्षी                      हमिंग बर्ड

सबसे बड़ा पक्षी                        शुतरर्मुर्

सबसे बड़ा सर्प                         अजगर

सबसे छोटा सर्प                        बार्बेडोस थ्रेडस्नेक

सबसे छोटा पुष्प                       वोल्फिया माइकोस्कोपिका

सबसे बड़ा पुष्प                         रैफ्लेशिया

सबसे छोटा स्तनधारी                श्रूज (सन्कस एस्ट्रैकस)

सबसे बड़ा स्तनधारी                 नीली व्हेल

सबसे बड़ा स्तनधारी                 (स्थल) अफ्रीकन हाथी

सबसे छोटा विषाणु                    पोर्सीन सर्कोवायरस

सबसे बड़ा विषाणु                      पैन्डोरा वायरस

सबसे छोटा कशेरूकी जीव           पायडोफ्राइन अमौएंसिस 
                                                  ( मेंढक )

सबसे बड़ा कशेरूकी जीव             नीली व्हेल

सबसे छोटी कोशिका                     माइकोप्लाज्मा गैलिसेप्टिकम

सबसे बड़ी कोशिका                       शुतरर्मुर्ग का अण्डा

सबसे छोटा आवृतबीजी                  वोल्फिया (वॉटरमील)

सबसे लम्बा आवृतबीजी                  यूकेलिप्टस

सबसे लम्बा अनावृतबीजी                सिको सेमिपेरिवाइरेन्सना

सबसे छोटी मानव कोशिका              शुक्राणु (पुरूष)

सबसे बड़ी मानव कोशिका               अण्डाणु (स्त्री)

सबसे लम्बी मानव कोशिका              तत्रिका कोशिका

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