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विद्युत धारा से संबंधित प्रश्न उत्तर | NCERT Electric current question and answer in Hindi
1. ट्रांसफार्मर किसलिए प्रयोग किए जाते हैं?
(A) AC को DC में बदलने के लिए।
(B) DC को AC में बदलने के लिए।
(C) DC वोल्टेज का उपचयन करने के लिए।
(D) AC वोल्टेज को घटाने अथवा बढ़ाने के लिए।
उत्तर (D)
ट्रांसफार्मर (Tansformer) एक विद्युत उपकरण है, जो विद्युत शक्ति नष्ट किए बिना प्रत्यावर्ती धारा (Aternating Current-AC) का वोल्टेज बढ़ाने अथवा घटाने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic linduction) के सिद्धान्त पर कार्य करता है।
ट्रांसफॉर्मर दो प्रकार के होते हैं-
(i) उच्चायी ट्रांसफॉर्मर (Step Up Transformer), जो विद्युत धारा का वोल्टेज बढ़ाते हैं
(ii) अपचायी ट्रांसफॉर्मर (Step Down Transformer), जो विद्युत धारा का वोल्टेज कम करते हैं।
2. विद्युत उपकरणों में अर्थ (Earth) का उपयोग होता है-
(A) खर्च को कम करने के लिए।
(B) क्योंकि उपकरण फेज-3 में काम करते हैं।
(C) सुरक्षा के लिए।
(D) फ्यूज के रूप में।
उत्तर (C)
विद्युत उपकरणों में अर्थ का उपयोग सुरक्षा के लिए किया जाता है। अर्थ का कनेक्शन करने से विद्युत उपकरण जीवित परिपरथ (Live Circuit) से संबद्ध होने से पहले पृथ्वी से जुड़ते हैं, जिससे अतिरिक्त वोल्टेज का नियंत्रण हो सकें तथा उपकरण जलने से बच जाए।
3. कारों में प्रयोग की जाने वाली बैटरी के सम्बंध में असत्य कथन की पहचान कीजिए-
(A) इसकी वोल्टता सामान्यत: 12 वोल्ट होती है।
(B) इसमें सीसे का कैथोड एवं लेड ऑक्साइड का एनोड लगा होता है।
(C) इसमें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल विद्युत अपघट्य के रूप में प्रयुक्त होता है।
(D) यह एक पुनः चार्ज योग्य (Rechargable) बैटरी होती है।
उत्तर (C)
कारों में प्रयोग की जाने वाली बैटरी (Automotive Battery) को SLI (Starting, Lighting and Ignition) भी कहा जाता है। यह एक पुनः चार्ज होने वाली बैटरी है। यह सामान्यत: श्रेणी क्रम में जुड़े हुए 6 गैल्वेनिक सेलों से बनी होती है जिनकी कूल वोल्टता (Votage) 12.6 (Volts) होती है। इसके प्रत्येक सेल में सीसे की प्लेट कैथोड (-Ve) के रूप में तथा लेड ऑक्साइड से लेपित (Coated) प्लेट एनोड के रूप में लगी होती है। ये प्लेटें सल्फ्यूरिक अम्ल के विद्युत अपघट्य (Electrolyte) विलयन में डुबी होती हैं।
4. मेंन्स विद्युत प्रदाय में फ्यूज का प्रयोग सुरक्षा युक्ति के रूप में होता है। प्यूज के विषय में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है ?
(A) मेन स्विच से यह समानान्तर श्रेणी से जुड़ा होता है।
(B) यह मुख्य रूप से रजत (चाँदी) मिश्रधातु से बना होता है।
(C) इसका गलनांक निम्न होना आवश्यक है।
(D) इसमें बहुत उच्च प्रतिरोध होना आवश्यक है।
उत्तर (C)
विद्युत श्रृंखला परिपथ (Electric Series Circuit) में फ्यूज तार (Fuse Wire) का प्रयोग सुरक्षा की दूष्टि से किया जाता है। फ्यूज छोटा एवं एक पतला तार होता है जो, अत्यंत निम्न गलनांक (Low Melting Point) वाली धातुओं (जस्ता, तॉबा, एल्युमिनियम अथवा मिश्रधातुओं) से बने होते हैं। जब परिपथ में एक निर्धारित सीमा से उच्च वोल्टता की धारा प्रवाहित होती है तो ये फ्यूज तार गर्म होकर गल जाते हैं और परिपथ में धारा का प्रवाह रुक जाता है। इस प्रकार परिपथ से जुड़े विद्युत उपकरणों की उच्च वोल्टता की धारा से सुरक्षा होती है।
5. सर्वाधिक विद्युत चालकता वाला तत्व कौन सा है?
(A) चाँदी
(B) तॉँबा
(C) एल्युमीनियम
(D) लोहा
उत्तर (A)
जिन पदाथों की विद्युत प्रतिरोधकता अत्यन्त निम्न होती है उन्हें सुचालक क रूप में जाना जाता है। तॉबा, एल्युमिनियम तथा लोहे की तुलना में चाँदी की विद्युत चालकता सर्वाधिक होती है।
6. मानव शरीर की विद्युत प्रतिरोधकता (Electrical Resistance} होती है- शुष्क स्थिति में
(A) 10-2 ओम
(B) 105 ओम
(C) 106 ओम
(D) 107 ओम
उत्तर (B)
मानव शरीर की प्रतिरोधकता शुष्क स्थिति में 105 ओम (100,000 ओम) तथा आर्द्र स्थिति में 103 ओम (1000 ओम) होती है।
7. जलते हुए विद्युत बल्ब के तन्तु का ताप सामान्यतः कितना होता है?
(A) 100°C से 500°C
(B) 1000° से 1500°C
(C) 2000° से 2500°C
(D) 3000° से 3500°C
उत्तर (C)
विद्युत बल्ब में टंगस्टन धातु का तन्तु (FIlament) लगा होता है। बल्ब में विद्यत धारा प्रवाहित किए जाने पर तन्तु का ताप 1500°c से 2700°C तक हो जाता है। टंगस्टन का गलनांक 3410°C होता है।
৪. सामान्य प्रतिदीप्त बल्ब (ncandescent) की तुलना में प्लोरेसेंट टयुब (Fudorescent Tube) आधिक ऊर्जा दक्ष होते हैं, क्यों?
(A) इसमें प्रकाश को प्रसारित करने के लिए अधिक सतह होती है।
(B) इस पर वोल्टेज परिवर्तन का प्रभाव नहीं पड़ता है।
(C) यह विद्युत ऊर्जा को पूर्णत: प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है।
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर (D)
प्लोरेसेन्ट ट्यूबव में कम दाव पर आयनीकृत गैसें भरी होती हैं तथा उसके आंतरिक आवरण पर फॉस्फोरस का लेप होता है, जिससे। विद्युत धारा का प्रवाह होने पर अधिक चमक वाला प्रकाश उत्पन्न होता है। यह लगभग 20-25% विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है। जबकि, प्रतिदीप्त बल्व में उच्च प्रतिराधकता वाला तन्तु (Filament) लगा होता है जो विद्युत धारा के प्रवाह से अत्यधिक गर्म हो जाता है और प्रकाश उत्पन्न करता है। परन्तु, बल्ब में अधिकांश विद्युत ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा में बदलकर नष्ट हो जाती है और लगभग 5% विद्युत ऊर्जा ही प्रकाश में परिवर्तित होती है।
9. विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने वाली मशीन का नाम क्या है?
(A) डायनमों
(B) ट्रान्सफॉर्मर
(C) विद्युत मोटर
(D) इन्डक्टर
उत्तर (C)
विद्त मोटर एक विद्युत-यांत्रिक मशीन (Electromechanical Machine) है, जो विद्युत ऊर्जा को यात्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) में परिवर्तित करती है। विद्युत मोटर में लोहे की छड़ पर लपेटे गए तार की एक कॉइल (Coil) होती है। इसमें से विद्युत धारा का प्रवाह होने पर विद्युत चुम्बकोय क्षेत्र (Electromagnetic Field) उत्पन्न होता है और मोटर में रखी आर्मेंचर कुण्डली (Armature Coil) घूमने लगती है।
10. बिजली के तीन पिन प्लग में सबसे लम्बी पिन को किससे जोड़ना चाहिए?
(A) आधार सिरे से
(B) सजीव सिरे से
(C) उदासीन सिरे से
(D) किसी भी सिरे से
उत्तर (A)
तीन पिन प्लग में सजीव या फेज (Live or Phase), उदासीन (Neutral) एवं आधार (Earth) सिरे होते हैं। दोनों एक साथ संलग्न सिरों में फेज एवं उदासीन तारों को जोड़ते हैं तथा तीसरी एवं लम्बी पिन में अर्थ (आधार सिरा) को जोडते हैं।
11. आपस में जुड़ी दो आवेशित वस्तुओं के बीच विद्यत धारा नहीं प्रवाहित होती है, यदि वे हों-
(A) समान आवेग पर
(B) समान धारिता पर
(C) समान प्रतिरोधकता पर
(D) समान विभव पर
उत्तर (D)
आपस में जुड़ी दो आवेशित वस्तुओं के बीच विद्युत धारा नहीं प्रवाहित होती है, यदि वे समान विभव पर हों, क्योंकि ओम के नियम के अनुसार, विभव विद्युत धारा के समानुपाती होता है। अत: यदि विभव समान होगा तो धारा भी समान होगी और इस दशा में धारा प्रवाहित नहीं होगी।
12, एक तार के प्रतिरोध के विषय में गलत कथन है-
(A) यह तार की धातु पर निर्भर करता है।
(B) यह तार की लंबाई के सीधे अनुपात में होता है।
(C) यह तार की अनुप्रस्थ काट के क्षेत्र के समानुपाती होता है।
(D) ताप में वृद्धि के साथ तार का प्रतिरोध बढ़ जाता है।
उत्तर (C)
किसी चालक में विद्युत् धारा के प्रवाहित होने पर चालक के परमाणुओं तथा अन्य कारकों द्वारा उत्पन्न किये गये व्यवधान को ही चालक का प्रतिरोध कहते हैं। इसका SI मात्रक ओम (Ω) होता है। एक तार का प्रतिरोध तार की अनुप्रस्थ काट (Transverse Section) के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होता है। अर्थात् तार की मोटाई बढ़ने पर चालक का प्रतिरोध घटता है।
13. धारावाहक चालक किससे सम्बद्ध होता है?
(A) चुबंकीय क्षतर
(B) वैद्युत क्षेत्र
(C) विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र
(D) विद्युतस्थैतिक क्षेत्र
उत्तर (C)
धारावाहक चालक (Current Carrying Conductor) ऐसे पदार्थों को कहते हैं जिनसे विद्युत आवेश सरलता से प्रवाहित हो जाए जैसे चाँदी, ताँबा, आदि। चाँदी, विद्युत का सबसे अच्छा चालक है। जब इन धारावाहक चालकों से विद्युत प्रवाहित की जाती है तो इनके चारों और एक विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है।
14. यदि किसी दंड चुंबक (Bar Magnet) को दो बराबर भागों में काट दिया जाए तो प्रत्येक टुकड़े की ध्रुवीय शक्ति पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(A) दोगुनी हो जाएगी
(B) आधी हो जाएगी
(C) शून्य हो जाएगी
(D) अपरिवर्तित रहेगी
उत्तर (D)
यदि किसी दंड चुबक को दो बराबर हिस्सों में काट दिया जाए तो प्रत्येक भाग एक स्वतंत्र चुबक के समान व्यवहार करेगा। अर्थात उसका एक सिरा उत्तरी ध्रुव तथा दूसरा दक्षिणी ध्रुव बन जाएगा।
15. सिलिकॉन क्या है ?
(A) अर्द्धचालक
(B) कुचालक
(C) विद्युत रोधक
(D) चालक
उत्तर (A)
सिलिकॉन (Si) पृथ्वी पर ऑक्सीजन के बाद दूसरा सर्वाधिक पाया
जाने वाला रासायनिक तत्व है। अर्द्धचालकों (Semiconductors)
के निर्माण में सिलिकॉन का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है।
अर्द्धचालक उन पदार्थों को कहते हैं जिनकी विद्युत चालकता
(Electrical Conductivity) चालकों (conductors) से कम परन्तु
अचालकों (Non-Conductors) से अधिक होती है।
16. वैद्युत परिष्करण (lectrorefiring) के दौरान, विशुद्ध धातु कहाँ पर एकत्रित होती है ?
(A) ऐनोड
(B) बर्तन
(C) विद्युत-अपघट्य
(D) कैथेड
उत्तर (D)
वैद्युत-परिष्करण (E/ectrorefining) विद्युत धातुकर्म (Electrometallurgy) का एक भाग है। इसके अन्तर्गत धात्विक खनिजों एवं अयस्कों का विद्युत-अपघटन (Electrolysis) किया जाता है और इस प्रक्रिया में कैथोड पर उच्च शुद्धता वाली थातु निक्षेपित (Deposit) हो जाती है।
17, प्रकाश विद्युत सेल बदलता है-
(A) यात्रिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में
(B) ताप ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
(C) प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में
(D) प्रकाश ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में
उत्तर (D)
प्रकाश विद्युत सेल (Photovoltaic Cell or Solar Cel) एक विद्युत उपकरण है, जो प्रकाश विद्युत प्रभाव (Photovoltaic Effect) के द्वारा प्रकाश ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है। प्रकाश विद्युत सेल सूर्य अथवा किसी अन्य प्रकाश स्रोत से ऊजा ग्रहण करने में सक्षम होते हैं।
18. जो पदार्थ उच्च ताप पर विद्युत का वहन करते हैं, परंतु न्यूनतम ताप पर नहीं, वे क्या कहलाते हैं?
(A) अतिचालक
(B) धात्विक चालक
(C) अर्द्धचालक
(D) विद्युतरोधी
उत्तर (C)
अर्द्धचालक (Semi-Conductor) पदार्थों को विद्युत चालकता ताप के बढ़ाने पर बढ़ती है तथा ताप के घटाने पर घटती है। परमशून्य ताप (0 Kalvin or-273.15°C) पर अर्द्धचालक पदार्थ आदर्श अचालक की भॉती व्यवहार करते हैं।
19. विद्युत आवेश का S.1. मात्रक क्या है?
(A) एम्पियर
(B) कूलॉम
(C) ई.एस.यू.
(D) केल्विन
उत्तर (B)
विद्युत आवेश (Electric charge) क प्रवाह को विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत आवेश का S.I. मात्रक कुलॉम (Coulomb) है। आवेश दो प्रकार के होते है- धनात्मक आवेश (+ve) व ऋणात्मक आवेश (-ve)।
20. सामान्य दाब पर किसी अतिचालक द्वारा प्रप्त अधिकतम ताप कितना होता है?
(A) 24 केल्विन
(B) 138 केल्विन
(C) 150 केल्विन
(D) 300 केल्विन
उत्तर (B)
सामान्य दाब (वायुमंडलीय दाब) पर किसी अतिचालक द्वारा प्राप्त अधिकतम ताप 138 केल्विन होता है। अधिकतम ताप वाला अतिचालक एक सेरेमिक (Cerarmic) पदार्थ है, जिसमें मरकरी बेरियम कैल्शियम कॉपर तथा ऑक्सीजन सम्मिलित हैं।
21. तड़ित चालक बनाने के लिए प्रयुक्त धातु कौन है?
(A) एल्युमिनियम
(B) जस्ता
(C) लोहा तथा ताँबा
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (C)
तड़ित चालक (Lightning Rod or ।.ightning Conductor) किसी सुचालक धातु की छड़ होती है। ऊँचे भवनों को आकाशीय विद्युत के दुष्रभाव से बचाने के लिए ये लोहे की ऊॅची छड़े भवन के ऊपर लगाई जाती हैं जो किसी चालक तार के द्वारा पृथ्वी के भीतर स्थित एक तॉँबे की पट्टी से जुड़ी होती हैं। भवन पर आकाशीय वैद्युत गिरने की स्थिति में तड़ित चालक अधिकांश विद्युत आवेश को पृथ्वी तक प्रवाहित कर देता है और भवन की क्षति कम कर देता है।
22. अतिचालक का लक्षण है-
(A) उच्च प्रतिरोधकता
(B) निम्न प्रतिरोधकता
(C) शून्य प्रतिरोधकता
(D) अनंत प्रतिरोधकता
उत्तर (C)
ऐसे पदार्थ या धातु जिनमें एक निश्चित ताप पर प्रतिरोधकता शून्य हो जाती है, अतिचालक (Superconductor ) कहलाते हैं। एल्युमिनियम (Al), पारा (Hg) तथा सीसा (Pb) प्रमुख अतिचालक हैं।
23, प्रत्यावती धारा को किसके द्वारा दिष्ट धारा में बदला जाता है?
(A) ट्रान्सफॉर्मर द्वारा
(B) डायनमों द्वारा
(C) दोलक द्वारा
(D) दिष्टकारी द्वारा
उत्तर (D)
दिष्टकारी (Rectifier) एक विद्युत उपकरण है जो प्रत्यावर्ती धारा (AC) को दिष्टधारा (DC) में परिवर्तित करता है। इसका प्रयोग सामान्यत: उन सभी विद्युत उपकरणों में किया जाता है जो दिष्टधारा पर कार्य करते हैं, जैसे फोन चार्जर, लैपटॉप चार्जर, रेडियो आदि। दिष्ट धारा (DC) को प्रत्यावती धारा में परिवर्तित करने के लिए इन्वर्टर (Inverter) का प्रयोग किया जाता है।
24. बिजली के पंखे की गति बदलने के लिए प्रयुक्त उपकरण कौन है?
(A) एम्क्लीफायर
(B) रेग्युलेटर
(C) स्विच
(D) रेक्टिफायर
उत्तर (B)
पंखे की गति बदलने के लिए रेग्युलेटर (Regulator) का प्रयोग किया जाता है। रेग्युलेटर में विभिन्न प्रतिरोधकता वाले तारों की एक चरखी (Sp০ol) लगी होती है जिससे होकर पंखे तक धारा का प्रवाह होता है। इसे एक निश्चित स्थिति में घुमाने पर धारा के मार्ग के प्रतिरोध को कम या अधिक किया जा सकता है। प्रतिरोध कम होने पर पंखे की गति अधिक तथा प्रतिरोध अधिक होने पर पंखे की गति कम हो जाती है।
25. निम्न में से कौन सी धात अर्द्धचालक के रूप में ट्रांजिस्टर में प्रयोग होती है?
(A) ताँबा
(B) जर्मेनियम
(C) ग्रेफाइट
(D) चाँदी
उत्तर (B)
जर्मेनियम और सिलिकोॉन ऐसे प्रमुख पदार्थ हैं, जिनका उपयोग ट्रांजिस्टर में अर्द्धचालक (Semi-conductor) के रूप में किया जाता है। इनकी विद्युत चालकता सामान्य ताप पर चालक (Conductors) एवं अचालक पदार्थाों की चालकता (Conductivity) के मध्य होती है।
26. किसी अर्द्धचालक का प्रतिरोध गर्म करने पर क्या होता है?
(A) स्थिर रहता है
(B) घटता है।
(C) बढ़ता है
(D) पहले घटता है फिर बढ़ता है।
उत्तर (B)
ताप वढ़ने पर अर्द्धचालक का प्रतिरोध कम होता है जबकि, ताप कम होने पर प्रतिरोध बढता है अर्द्धचालकों की प्रतिरोधकता चालकों से अधिक तथा कुचालकों से कम होती है। इसलिए किसी अर्द्धचालक को गर्म करने पर उसका प्रतिरोध घटता है। सिलिकॉन, जर्मेनियम, कार्बन, सेलेनियम आादि प्रमुख अर्द्धचालक पदार्थ हैं।
27. वैद्युत आवेश को भंडारित करने के लिए प्रयुव्त उपकरण को क्या कहते हैं?
(A) प्रेरक
(B) संधारित्र
(C) ट्रांसफॉर्मर
(D) ट्रांजिस्टर
उत्तर (B)
वैद्युत आवेश को भंडारित करने के लिए संधारित्र (Capacitor) नामक उपकरण प्रयुक्त किया जाता है। संधारित्र एक ऐसा समायोजन है, जिसमें किसी चालक के आकार में परिवर्तन किए बिना उस पर आवेश की पर्याप्त मात्रा संचित की जा सकती है।
28, निम्नलिखित में सबसे अच्छा रोधक (इन्सुलेटर) कौन-सा है ?
(A) लकड़ी
(B) कपड़ा
(C) कॉँच
(D) कागज
उत्तर (C)
इन्सुलेटर वह पदार्थ है, जिस पर विद्युत क्षेत्र का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है तथा जिसमें से विद्युत आवेश का प्रवाह नहीं हो सकता हैं। उपर्युक्त विकल्पों में काँच (Glass) सबसे अच्छा इन्सुलेटर है।
(A) AC को DC में बदलने के लिए।
(B) DC को AC में बदलने के लिए।
(C) DC वोल्टेज का उपचयन करने के लिए।
(D) AC वोल्टेज को घटाने अथवा बढ़ाने के लिए।
उत्तर (D)
ट्रांसफार्मर (Tansformer) एक विद्युत उपकरण है, जो विद्युत शक्ति नष्ट किए बिना प्रत्यावर्ती धारा (Aternating Current-AC) का वोल्टेज बढ़ाने अथवा घटाने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic linduction) के सिद्धान्त पर कार्य करता है।
ट्रांसफॉर्मर दो प्रकार के होते हैं-
(i) उच्चायी ट्रांसफॉर्मर (Step Up Transformer), जो विद्युत धारा का वोल्टेज बढ़ाते हैं
(ii) अपचायी ट्रांसफॉर्मर (Step Down Transformer), जो विद्युत धारा का वोल्टेज कम करते हैं।
2. विद्युत उपकरणों में अर्थ (Earth) का उपयोग होता है-
(A) खर्च को कम करने के लिए।
(B) क्योंकि उपकरण फेज-3 में काम करते हैं।
(C) सुरक्षा के लिए।
(D) फ्यूज के रूप में।
उत्तर (C)
विद्युत उपकरणों में अर्थ का उपयोग सुरक्षा के लिए किया जाता है। अर्थ का कनेक्शन करने से विद्युत उपकरण जीवित परिपरथ (Live Circuit) से संबद्ध होने से पहले पृथ्वी से जुड़ते हैं, जिससे अतिरिक्त वोल्टेज का नियंत्रण हो सकें तथा उपकरण जलने से बच जाए।
3. कारों में प्रयोग की जाने वाली बैटरी के सम्बंध में असत्य कथन की पहचान कीजिए-
(A) इसकी वोल्टता सामान्यत: 12 वोल्ट होती है।
(B) इसमें सीसे का कैथोड एवं लेड ऑक्साइड का एनोड लगा होता है।
(C) इसमें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल विद्युत अपघट्य के रूप में प्रयुक्त होता है।
(D) यह एक पुनः चार्ज योग्य (Rechargable) बैटरी होती है।
उत्तर (C)
कारों में प्रयोग की जाने वाली बैटरी (Automotive Battery) को SLI (Starting, Lighting and Ignition) भी कहा जाता है। यह एक पुनः चार्ज होने वाली बैटरी है। यह सामान्यत: श्रेणी क्रम में जुड़े हुए 6 गैल्वेनिक सेलों से बनी होती है जिनकी कूल वोल्टता (Votage) 12.6 (Volts) होती है। इसके प्रत्येक सेल में सीसे की प्लेट कैथोड (-Ve) के रूप में तथा लेड ऑक्साइड से लेपित (Coated) प्लेट एनोड के रूप में लगी होती है। ये प्लेटें सल्फ्यूरिक अम्ल के विद्युत अपघट्य (Electrolyte) विलयन में डुबी होती हैं।
4. मेंन्स विद्युत प्रदाय में फ्यूज का प्रयोग सुरक्षा युक्ति के रूप में होता है। प्यूज के विषय में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है ?
(A) मेन स्विच से यह समानान्तर श्रेणी से जुड़ा होता है।
(B) यह मुख्य रूप से रजत (चाँदी) मिश्रधातु से बना होता है।
(C) इसका गलनांक निम्न होना आवश्यक है।
(D) इसमें बहुत उच्च प्रतिरोध होना आवश्यक है।
उत्तर (C)
विद्युत श्रृंखला परिपथ (Electric Series Circuit) में फ्यूज तार (Fuse Wire) का प्रयोग सुरक्षा की दूष्टि से किया जाता है। फ्यूज छोटा एवं एक पतला तार होता है जो, अत्यंत निम्न गलनांक (Low Melting Point) वाली धातुओं (जस्ता, तॉबा, एल्युमिनियम अथवा मिश्रधातुओं) से बने होते हैं। जब परिपथ में एक निर्धारित सीमा से उच्च वोल्टता की धारा प्रवाहित होती है तो ये फ्यूज तार गर्म होकर गल जाते हैं और परिपथ में धारा का प्रवाह रुक जाता है। इस प्रकार परिपथ से जुड़े विद्युत उपकरणों की उच्च वोल्टता की धारा से सुरक्षा होती है।
5. सर्वाधिक विद्युत चालकता वाला तत्व कौन सा है?
(A) चाँदी
(B) तॉँबा
(C) एल्युमीनियम
(D) लोहा
उत्तर (A)
जिन पदाथों की विद्युत प्रतिरोधकता अत्यन्त निम्न होती है उन्हें सुचालक क रूप में जाना जाता है। तॉबा, एल्युमिनियम तथा लोहे की तुलना में चाँदी की विद्युत चालकता सर्वाधिक होती है।
6. मानव शरीर की विद्युत प्रतिरोधकता (Electrical Resistance} होती है- शुष्क स्थिति में
(A) 10-2 ओम
(B) 105 ओम
(C) 106 ओम
(D) 107 ओम
उत्तर (B)
मानव शरीर की प्रतिरोधकता शुष्क स्थिति में 105 ओम (100,000 ओम) तथा आर्द्र स्थिति में 103 ओम (1000 ओम) होती है।
7. जलते हुए विद्युत बल्ब के तन्तु का ताप सामान्यतः कितना होता है?
(A) 100°C से 500°C
(B) 1000° से 1500°C
(C) 2000° से 2500°C
(D) 3000° से 3500°C
उत्तर (C)
विद्युत बल्ब में टंगस्टन धातु का तन्तु (FIlament) लगा होता है। बल्ब में विद्यत धारा प्रवाहित किए जाने पर तन्तु का ताप 1500°c से 2700°C तक हो जाता है। टंगस्टन का गलनांक 3410°C होता है।
৪. सामान्य प्रतिदीप्त बल्ब (ncandescent) की तुलना में प्लोरेसेंट टयुब (Fudorescent Tube) आधिक ऊर्जा दक्ष होते हैं, क्यों?
(A) इसमें प्रकाश को प्रसारित करने के लिए अधिक सतह होती है।
(B) इस पर वोल्टेज परिवर्तन का प्रभाव नहीं पड़ता है।
(C) यह विद्युत ऊर्जा को पूर्णत: प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है।
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर (D)
प्लोरेसेन्ट ट्यूबव में कम दाव पर आयनीकृत गैसें भरी होती हैं तथा उसके आंतरिक आवरण पर फॉस्फोरस का लेप होता है, जिससे। विद्युत धारा का प्रवाह होने पर अधिक चमक वाला प्रकाश उत्पन्न होता है। यह लगभग 20-25% विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है। जबकि, प्रतिदीप्त बल्व में उच्च प्रतिराधकता वाला तन्तु (Filament) लगा होता है जो विद्युत धारा के प्रवाह से अत्यधिक गर्म हो जाता है और प्रकाश उत्पन्न करता है। परन्तु, बल्ब में अधिकांश विद्युत ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा में बदलकर नष्ट हो जाती है और लगभग 5% विद्युत ऊर्जा ही प्रकाश में परिवर्तित होती है।
9. विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने वाली मशीन का नाम क्या है?
(A) डायनमों
(B) ट्रान्सफॉर्मर
(C) विद्युत मोटर
(D) इन्डक्टर
उत्तर (C)
विद्त मोटर एक विद्युत-यांत्रिक मशीन (Electromechanical Machine) है, जो विद्युत ऊर्जा को यात्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) में परिवर्तित करती है। विद्युत मोटर में लोहे की छड़ पर लपेटे गए तार की एक कॉइल (Coil) होती है। इसमें से विद्युत धारा का प्रवाह होने पर विद्युत चुम्बकोय क्षेत्र (Electromagnetic Field) उत्पन्न होता है और मोटर में रखी आर्मेंचर कुण्डली (Armature Coil) घूमने लगती है।
10. बिजली के तीन पिन प्लग में सबसे लम्बी पिन को किससे जोड़ना चाहिए?
(A) आधार सिरे से
(B) सजीव सिरे से
(C) उदासीन सिरे से
(D) किसी भी सिरे से
उत्तर (A)
तीन पिन प्लग में सजीव या फेज (Live or Phase), उदासीन (Neutral) एवं आधार (Earth) सिरे होते हैं। दोनों एक साथ संलग्न सिरों में फेज एवं उदासीन तारों को जोड़ते हैं तथा तीसरी एवं लम्बी पिन में अर्थ (आधार सिरा) को जोडते हैं।
11. आपस में जुड़ी दो आवेशित वस्तुओं के बीच विद्यत धारा नहीं प्रवाहित होती है, यदि वे हों-
(A) समान आवेग पर
(B) समान धारिता पर
(C) समान प्रतिरोधकता पर
(D) समान विभव पर
उत्तर (D)
आपस में जुड़ी दो आवेशित वस्तुओं के बीच विद्युत धारा नहीं प्रवाहित होती है, यदि वे समान विभव पर हों, क्योंकि ओम के नियम के अनुसार, विभव विद्युत धारा के समानुपाती होता है। अत: यदि विभव समान होगा तो धारा भी समान होगी और इस दशा में धारा प्रवाहित नहीं होगी।
12, एक तार के प्रतिरोध के विषय में गलत कथन है-
(A) यह तार की धातु पर निर्भर करता है।
(B) यह तार की लंबाई के सीधे अनुपात में होता है।
(C) यह तार की अनुप्रस्थ काट के क्षेत्र के समानुपाती होता है।
(D) ताप में वृद्धि के साथ तार का प्रतिरोध बढ़ जाता है।
उत्तर (C)
किसी चालक में विद्युत् धारा के प्रवाहित होने पर चालक के परमाणुओं तथा अन्य कारकों द्वारा उत्पन्न किये गये व्यवधान को ही चालक का प्रतिरोध कहते हैं। इसका SI मात्रक ओम (Ω) होता है। एक तार का प्रतिरोध तार की अनुप्रस्थ काट (Transverse Section) के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होता है। अर्थात् तार की मोटाई बढ़ने पर चालक का प्रतिरोध घटता है।
13. धारावाहक चालक किससे सम्बद्ध होता है?
(A) चुबंकीय क्षतर
(B) वैद्युत क्षेत्र
(C) विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र
(D) विद्युतस्थैतिक क्षेत्र
उत्तर (C)
धारावाहक चालक (Current Carrying Conductor) ऐसे पदार्थों को कहते हैं जिनसे विद्युत आवेश सरलता से प्रवाहित हो जाए जैसे चाँदी, ताँबा, आदि। चाँदी, विद्युत का सबसे अच्छा चालक है। जब इन धारावाहक चालकों से विद्युत प्रवाहित की जाती है तो इनके चारों और एक विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है।
14. यदि किसी दंड चुंबक (Bar Magnet) को दो बराबर भागों में काट दिया जाए तो प्रत्येक टुकड़े की ध्रुवीय शक्ति पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(A) दोगुनी हो जाएगी
(B) आधी हो जाएगी
(C) शून्य हो जाएगी
(D) अपरिवर्तित रहेगी
उत्तर (D)
यदि किसी दंड चुबक को दो बराबर हिस्सों में काट दिया जाए तो प्रत्येक भाग एक स्वतंत्र चुबक के समान व्यवहार करेगा। अर्थात उसका एक सिरा उत्तरी ध्रुव तथा दूसरा दक्षिणी ध्रुव बन जाएगा।
15. सिलिकॉन क्या है ?
(A) अर्द्धचालक
(B) कुचालक
(C) विद्युत रोधक
(D) चालक
उत्तर (A)
सिलिकॉन (Si) पृथ्वी पर ऑक्सीजन के बाद दूसरा सर्वाधिक पाया
जाने वाला रासायनिक तत्व है। अर्द्धचालकों (Semiconductors)
के निर्माण में सिलिकॉन का सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है।
अर्द्धचालक उन पदार्थों को कहते हैं जिनकी विद्युत चालकता
(Electrical Conductivity) चालकों (conductors) से कम परन्तु
अचालकों (Non-Conductors) से अधिक होती है।
16. वैद्युत परिष्करण (lectrorefiring) के दौरान, विशुद्ध धातु कहाँ पर एकत्रित होती है ?
(A) ऐनोड
(B) बर्तन
(C) विद्युत-अपघट्य
(D) कैथेड
उत्तर (D)
वैद्युत-परिष्करण (E/ectrorefining) विद्युत धातुकर्म (Electrometallurgy) का एक भाग है। इसके अन्तर्गत धात्विक खनिजों एवं अयस्कों का विद्युत-अपघटन (Electrolysis) किया जाता है और इस प्रक्रिया में कैथोड पर उच्च शुद्धता वाली थातु निक्षेपित (Deposit) हो जाती है।
17, प्रकाश विद्युत सेल बदलता है-
(A) यात्रिक ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में
(B) ताप ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
(C) प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में
(D) प्रकाश ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में
उत्तर (D)
प्रकाश विद्युत सेल (Photovoltaic Cell or Solar Cel) एक विद्युत उपकरण है, जो प्रकाश विद्युत प्रभाव (Photovoltaic Effect) के द्वारा प्रकाश ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है। प्रकाश विद्युत सेल सूर्य अथवा किसी अन्य प्रकाश स्रोत से ऊजा ग्रहण करने में सक्षम होते हैं।
18. जो पदार्थ उच्च ताप पर विद्युत का वहन करते हैं, परंतु न्यूनतम ताप पर नहीं, वे क्या कहलाते हैं?
(A) अतिचालक
(B) धात्विक चालक
(C) अर्द्धचालक
(D) विद्युतरोधी
उत्तर (C)
अर्द्धचालक (Semi-Conductor) पदार्थों को विद्युत चालकता ताप के बढ़ाने पर बढ़ती है तथा ताप के घटाने पर घटती है। परमशून्य ताप (0 Kalvin or-273.15°C) पर अर्द्धचालक पदार्थ आदर्श अचालक की भॉती व्यवहार करते हैं।
19. विद्युत आवेश का S.1. मात्रक क्या है?
(A) एम्पियर
(B) कूलॉम
(C) ई.एस.यू.
(D) केल्विन
उत्तर (B)
विद्युत आवेश (Electric charge) क प्रवाह को विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत आवेश का S.I. मात्रक कुलॉम (Coulomb) है। आवेश दो प्रकार के होते है- धनात्मक आवेश (+ve) व ऋणात्मक आवेश (-ve)।
20. सामान्य दाब पर किसी अतिचालक द्वारा प्रप्त अधिकतम ताप कितना होता है?
(A) 24 केल्विन
(B) 138 केल्विन
(C) 150 केल्विन
(D) 300 केल्विन
उत्तर (B)
सामान्य दाब (वायुमंडलीय दाब) पर किसी अतिचालक द्वारा प्राप्त अधिकतम ताप 138 केल्विन होता है। अधिकतम ताप वाला अतिचालक एक सेरेमिक (Cerarmic) पदार्थ है, जिसमें मरकरी बेरियम कैल्शियम कॉपर तथा ऑक्सीजन सम्मिलित हैं।
21. तड़ित चालक बनाने के लिए प्रयुक्त धातु कौन है?
(A) एल्युमिनियम
(B) जस्ता
(C) लोहा तथा ताँबा
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (C)
तड़ित चालक (Lightning Rod or ।.ightning Conductor) किसी सुचालक धातु की छड़ होती है। ऊँचे भवनों को आकाशीय विद्युत के दुष्रभाव से बचाने के लिए ये लोहे की ऊॅची छड़े भवन के ऊपर लगाई जाती हैं जो किसी चालक तार के द्वारा पृथ्वी के भीतर स्थित एक तॉँबे की पट्टी से जुड़ी होती हैं। भवन पर आकाशीय वैद्युत गिरने की स्थिति में तड़ित चालक अधिकांश विद्युत आवेश को पृथ्वी तक प्रवाहित कर देता है और भवन की क्षति कम कर देता है।
22. अतिचालक का लक्षण है-
(A) उच्च प्रतिरोधकता
(B) निम्न प्रतिरोधकता
(C) शून्य प्रतिरोधकता
(D) अनंत प्रतिरोधकता
उत्तर (C)
ऐसे पदार्थ या धातु जिनमें एक निश्चित ताप पर प्रतिरोधकता शून्य हो जाती है, अतिचालक (Superconductor ) कहलाते हैं। एल्युमिनियम (Al), पारा (Hg) तथा सीसा (Pb) प्रमुख अतिचालक हैं।
23, प्रत्यावती धारा को किसके द्वारा दिष्ट धारा में बदला जाता है?
(A) ट्रान्सफॉर्मर द्वारा
(B) डायनमों द्वारा
(C) दोलक द्वारा
(D) दिष्टकारी द्वारा
उत्तर (D)
दिष्टकारी (Rectifier) एक विद्युत उपकरण है जो प्रत्यावर्ती धारा (AC) को दिष्टधारा (DC) में परिवर्तित करता है। इसका प्रयोग सामान्यत: उन सभी विद्युत उपकरणों में किया जाता है जो दिष्टधारा पर कार्य करते हैं, जैसे फोन चार्जर, लैपटॉप चार्जर, रेडियो आदि। दिष्ट धारा (DC) को प्रत्यावती धारा में परिवर्तित करने के लिए इन्वर्टर (Inverter) का प्रयोग किया जाता है।
24. बिजली के पंखे की गति बदलने के लिए प्रयुक्त उपकरण कौन है?
(A) एम्क्लीफायर
(B) रेग्युलेटर
(C) स्विच
(D) रेक्टिफायर
उत्तर (B)
पंखे की गति बदलने के लिए रेग्युलेटर (Regulator) का प्रयोग किया जाता है। रेग्युलेटर में विभिन्न प्रतिरोधकता वाले तारों की एक चरखी (Sp০ol) लगी होती है जिससे होकर पंखे तक धारा का प्रवाह होता है। इसे एक निश्चित स्थिति में घुमाने पर धारा के मार्ग के प्रतिरोध को कम या अधिक किया जा सकता है। प्रतिरोध कम होने पर पंखे की गति अधिक तथा प्रतिरोध अधिक होने पर पंखे की गति कम हो जाती है।
25. निम्न में से कौन सी धात अर्द्धचालक के रूप में ट्रांजिस्टर में प्रयोग होती है?
(A) ताँबा
(B) जर्मेनियम
(C) ग्रेफाइट
(D) चाँदी
उत्तर (B)
जर्मेनियम और सिलिकोॉन ऐसे प्रमुख पदार्थ हैं, जिनका उपयोग ट्रांजिस्टर में अर्द्धचालक (Semi-conductor) के रूप में किया जाता है। इनकी विद्युत चालकता सामान्य ताप पर चालक (Conductors) एवं अचालक पदार्थाों की चालकता (Conductivity) के मध्य होती है।
26. किसी अर्द्धचालक का प्रतिरोध गर्म करने पर क्या होता है?
(A) स्थिर रहता है
(B) घटता है।
(C) बढ़ता है
(D) पहले घटता है फिर बढ़ता है।
उत्तर (B)
ताप वढ़ने पर अर्द्धचालक का प्रतिरोध कम होता है जबकि, ताप कम होने पर प्रतिरोध बढता है अर्द्धचालकों की प्रतिरोधकता चालकों से अधिक तथा कुचालकों से कम होती है। इसलिए किसी अर्द्धचालक को गर्म करने पर उसका प्रतिरोध घटता है। सिलिकॉन, जर्मेनियम, कार्बन, सेलेनियम आादि प्रमुख अर्द्धचालक पदार्थ हैं।
27. वैद्युत आवेश को भंडारित करने के लिए प्रयुव्त उपकरण को क्या कहते हैं?
(A) प्रेरक
(B) संधारित्र
(C) ट्रांसफॉर्मर
(D) ट्रांजिस्टर
उत्तर (B)
वैद्युत आवेश को भंडारित करने के लिए संधारित्र (Capacitor) नामक उपकरण प्रयुक्त किया जाता है। संधारित्र एक ऐसा समायोजन है, जिसमें किसी चालक के आकार में परिवर्तन किए बिना उस पर आवेश की पर्याप्त मात्रा संचित की जा सकती है।
28, निम्नलिखित में सबसे अच्छा रोधक (इन्सुलेटर) कौन-सा है ?
(A) लकड़ी
(B) कपड़ा
(C) कॉँच
(D) कागज
उत्तर (C)
इन्सुलेटर वह पदार्थ है, जिस पर विद्युत क्षेत्र का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है तथा जिसमें से विद्युत आवेश का प्रवाह नहीं हो सकता हैं। उपर्युक्त विकल्पों में काँच (Glass) सबसे अच्छा इन्सुलेटर है।
