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प्रकाश से संबंधित प्रश्न उत्तर || Light MCQ in Hindi || प्रकाश (Light) से संबंधित प्रश्न उत्तर.


1. रमन प्रभाव का प्रकाश की उन किरणों से संबंध है जो आर-पार जाती हैं-
(A) केवल द्रवों के
(B) केवल प्रिज्मों के
(C) केवल हीरों के
(D) सभी पारदर्शी माध्यम के



उत्तर (D)
जब एकल तरंगदैध्य (Single wavelength) वाली प्रकाश किरण अथवा एकवर्णीं प्रकाश (Monochromatic Light) किसी पारदर्शीं माध्यम से होकर गुजरता है तो उसका प्रकीर्णन (Scattering) होता है और उसका कुछ भाग मुल तरंगदैर्ध्य से भिन्न तरंगदेर्ध्य वाले प्रकाश के रूप में परिवर्तित हो जाता है। यह परिघटना रमन प्रभाव (Raman Efect) कहलाती है।

2. प्रकाश सजावट तथा विज्ञापन के लिए विसर्जन नलिकाओं में प्रयुक्त होने वाली गैस कौन है?
(A) कार्बन डाइआक्साइड
(B) सल्फर डाइऑक्साइड
(C) अमोनिया
(D) निऑन



उत्तर (D)
गैस विसर्जन नलिकाएँ अथवा लैम्प (Gas-discharge Tubes for Lamps) कृत्रिम प्रकाश स्रोत हैं, जो किसी आयनीकृत गैस में विद्युत विसर्जन (Eiectric Dischare) के माध्यम से प्रकाश उत्पन्न करत हैं। इन नलिकाओं में सामान्यत: कई नोबेल गैसे जैसे- आर्गन, नियाँन क्रिप्टॉन एवं जीनॉन आदि अथवा इनका मिश्रण भरा जाता है।



3. ध्वनि के पुनरूत्पादन (Reproducing) के लिए एक सीडी (कॉम्पैक्ट डिस्क) प्लेयर में प्रयुक्त होता है-
(A) क्वार्ट्स क्रिस्टल
(B) टाइटेनियम निडल (Niddle)
(C) लेजर बीम
(D) बेरियम टाइटेनिक सिरैमिक



उत्तर (C)
सी. डी. (Compact Dise) धातु एव प्लास्टिक से निर्मित एक वृत्ताकार, पतली डिस्क होती है, जिसका उपयोग ध्वनियों
एवं दृश्यों (Audio-Visuals) को डिजिटल प्रारूप में संग्रह करने के लिए किया जाता है। सी. डी. प्लेयर वह यंत्र है, जिसमें सी. डी. की चमकदार सतह पर लेजर बीम डालकर उसमें संग्रहीत सूचना का पुनरुत्पादन (Reproduce) कियां जाता है अथवा उसमें नई सूचना का संग्रह किया जाता है।

4. जब एक सीडी (ऑडियो एवं वीडियो प्रणालियों में प्रयुक्त होने वाली कॉम्पैक्ट डिस्क) सूर्य के प्रकाश में रखी जाती है तो इंद्रधनुष के समान रंग दिखाई पड़ते हैं। इसकी व्याख्या की जा सकती है-
(A) परावर्तन एवं विवर्तन की परिघटना के आधार पर
(B) परावर्तन एवं पारगमन की परिघटना के आधार पर
(C) विवर्तन पर पारगमन की परिघटना के आधार पर
(D) अपवर्तन, विवर्तन एवं पारगमन की परिघटना के आधार पर



उत्तर (A)
लेजर बीम (L.aser Beam) के प्रयोग से सूचना सग्रह के कारण सी. डी. पर अत्यंत सुक्ष्म सर्पिलाकार संरंचनाएँ (Spiral Track or Pits) बन जाती हैं। सी. डी. पर प्रकाश पड़ने पर ये संरचनाएँ विवर्तन जाली (Difraction Grating) का कार्य करती हैं, जो प्रकाश की कुछ किरणों को उनके मार्ग से विचलित कर देती हैं तथा कुछ किरणें चमकदार सतह से परावर्तित हो जाती हैं। उपर्युक्त दोनों कारणों से प्रकाश विभिन्न रंगों की किरणों में विभाजित होकर इंद्र धनुष के समान दिखाई देने लगता है।



5. प्रकाश तंतु (Optical Fibers) किस सिद्धांत पर काम करता है?
(A) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
(B) अपवर्तन
(C) प्रकीर्णन
(D) व्यतिकरण





उत्तर (A)
निर्मित अत्यधिक पतली पारदर्शी, लचीली तथा खोखली नलिकाएँ (Tubes) होती हैं। इनके माध्यम से प्रकाश सिग्नल को इसकी तीव्रता में क्षय हुए बिना एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है। प्रकाश तंतु प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total lnternal Reflection) के सिद्धांत पर कार्य करता है। जब कोई प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है. तो अपवर्तन के कारण अपवर्तित किरण अभिलंब से दूर हट जाती है।




6. सौर विकिरण निम्न तरंगदैध्य परास में से किस परास में दिखाई देता है?
(A) 100-400NM
(B) 400-700 nm
(C) 740-10000 nm
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं



उत्तर (B)
सौर विकिरण को पराबैंगनी विकिरिण (परासः 100 Nano Metre से 400nm), दृश्य प्रकाश (परासः 400nmसे 700nm ) तथा अवरक्त विकिरण (परासः 700nm से 106 nm) में विभाजित किया जा सकता
है। अतः सौर विकिरण 400- 700nm तरंगदैर्ध्य परास में दिखाई देता है।

7. तंतु प्रकाशिकी संचार में संकेत किस रूप में प्रवाहित होता है ?
(A) प्रकाश तरंग
(B) रेडियो तरंग
(C) सूक्ष्म तरंग
(D) विद्युत तरंग



उत्तर (A)
तंतु प्रकाशिकी (Fiber Optics) संचार एक प्रणाली है जिसके अन्तर्गत सूचनाओं को प्रकाश किरणों के रूप में ऑप्टिकल फाइबर फाइबर के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान का प्रेषित किया जाता है।

৪. प्रकाश की गति किस माध्यम में न्यूनतम होगी?
(A) काँच
(B) निर्वात
(C) जल
(D) वायु



उत्तर (A)
जब प्रकाश किरणें एक माध्यम से किसी दूसरे माध्यम में प्रवेश करती हैं तो वे अपने मार्ग से कुछ विचलित (Deviate) हो जाती हैं। इसे प्रकाश का अपवर्तन (Refraction), कहते हैं तथा उस माध्यम की प्रकाश को अपवर्तित की क्षमता उस माध्यम का अपवर्तनांक(Refractive lndex) कहलाती है। माध्यम का अपवर्तनांक जितना कम होता है, प्रकाश की गति उतनी ही अधिक होती है। निर्वात (अपवर्तनांक-1.0), वायु (अपवर्तनांक -1.0003) तथा जल (अपवर्तनांक-1.3) की तुलना में कॉँच (अपवर्तनांक-1.52) में प्रकाश की गति न्यूनतम होती है।

9. प्रकाश का रंग निर्धारित होता है, इसके-
(A) आयाम से
(B) तरंगदैध्य से
(C) तीव्रता से
(D) वेग से





उत्तर (B)
प्रकाश के रंग का निर्धारण उसकी तरंगदैध्य से होता है। भिन्न-भिन्न रंग के प्रकाश का तरंगदैर्ध्य भिन्न-भिन्न होता है। लाल रंग की तरगदैर्ध्य सबसे अधिक तथा बैंगनी रंग की तंरगदैर्ध्य सबसे कम होती है।

10. मृगमरीचिका का कारण है-
(A) प्रकाश का व्यतिकरण
(B) प्रकाश का विवर्तन
(C) प्रकाश का धुवण
(D) प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन



उत्तर (D)
मृगमरीचिका (Mirage) एक प्रकार का प्राकृतिक दृष्टिभ्रम है, जिसमें व्यक्ति को दूर स्थित वस्तुओं के उल्टे या बड़े आकार के प्रतिबिम्ब दिखाई देते हैं। गर्मी के मौसम में सड़क या रेगिस्तान की रेत अत्यधिक गर्म हो जाती है, जिससे इसके पास की वायु भी गर्म हो जाती है फलस्वरूप, वायु की ऊपरी परतों का घनत्व निचली परतों की अपेक्षा अधिक हो जाती है जब प्रकाश की किरणें इन परतों से होकर गुजरती हैं तो अपवर्तित किरणें अभिलम्ब से दूर हटती जाती हैं ये किरणें पूर्ण परावर्तित होकर ऊपर की ओर उठने लगती हैं एवं ऊपरी परतों में अधिक घनत्व होने क कारण ये किरणें अभिलम्ब की और झूक जाती हैं जो पृथ्वी के नीचे से आती हुई प्रतीत होती हैं। इसी कारण पेड़ या वस्तु का उल्टा प्रतिबिम्ब दिखाई देता है।




11. वायुमण्डल में प्रकाश के विसरण का क्या कारण है?
(A) कार्बन-डाइऑक्साइड
(B) धूल-कण
(C) हीलियम
(D) जल वाष्प



उत्तर (B)
सूर्य का प्रकाश जब वायुमण्डल से होकर गुजरता है तो मार्ग में आने वाली गैसों के अणुओं तथा धूल एवं अन्य पदार्थों के सूक्ष्म कणों द्वारा इसका प्रकीर्णन (Scattering) हो जाता है।

12. निम्न में से किस रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है ?
(A) हरा
(B) पीला
(C) नीला
(D) लाल



उत्तर (D)
लाल रंग का तरंगदेध्यं सबसे अधिक होता है। इसीलिए लाल रंग सर्वाधिक दूरी से दिखाई देता है। इसके विपरीत बैंगनी रंग का तरंगदैध्य सबसे कम होता है। इसलिए बैगनी रंग की दृश्यता (Visibility) सबसे कम होती है।

13. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है ?
(A) प्रकाश का वेग सबसे अधिक होता है।
(B) ध्वनि का वेग सबसे अधिक होता है।
(C) आकाशीय पिण्डों का वेग सबसे अधिक होता है।
(D) रॉकेट का वेग सबसे आधिक होता है।



उत्तर (A)
प्रकाश की गति निर्वात (Vaceum) में 3.0x 108मी. /से. होती है जबकि ध्वनि की गति निर्वात में 332 मी. /से. होती है। प्रकाश की गति सदैव ध्वनि की गति से अधिक होती है।



14. प्रकाश किसके समान विकिरणों की प्रकृति होती है?
(A) तरंग के समान
(B) कण के समान
(C) तरंग एवं कण दोनों के समान
(D) अंशत: तरंग एवं अंशत: कण के समान



उत्तर (D)
प्रकाश विकिरण तरंग एवं कण की दोहरी प्रकृति (Wave Particle Duality) को प्रदर्शिंत करता है। प्रकाश के कुछ गुण जैसे- प्रकाश वैद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect), अपवर्तन (Refraction). परावर्तन (Reflection) आदि गुण प्रकाश की कण प्रकृति (Particle Nature) प्रदशित करते हैं। जबकि ध्रुवण (Polarization), व्यतिकरण (Interference), विवर्तन (Diffraction) आदि गुण प्रकाश की तरंग प्रकृति (Wave Nature) प्रदर्शित करते हैं।

15. निम्नलिखित ऊर्जा रूपान्तरणों में से कौन सी प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा सम्पादित होती है?
(A) प्रकाश ऊजा से रासायनिक ऊर्जा
(B) प्रकाश से तापीय ऊर्जा
(C) तापीय ऊर्जा से जैव रासायनिक ऊर्जा
(D) गतिज ऊर्जा से रासायनिक ऊर्जा



उत्तर (A)
प्रकाश संश्लेषण हरी वनस्यतियों तथा कुछ सूक्ष्म जीवां द्वारा सम्पन्न की जाने वाली एक जेविक प्रक्रिया है, जिसमें सूर्य की प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदला जाता है।




16. एक तराशा हुआ हीरा किसके कारण चमकीला दिखाई देता है?
(A) इसकी आणविक संरचना के कारण
(B) प्रकाश के अवशोषण के कारण
(C) पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण
(D) कुछ अन्य निहित गुणों के कारण



उत्तर (C)
हीरे का अपवर्तनांक (Refractive index) उच्च होता है। इसकी कटाई या तराशी इस प्रकार होती है कि, जब कोई प्रकाश किरण यदि इसके अन्दर से गुजरती है तो बाहर निकलने से पहले अनेक बार उसका पूर्ण आंतरिक परावर्तन हो जाता है। इसी कारण, हीरा अत्यंत चमकीला दिखाई देता है।

17. पूर्ण सूर्यग्रहण के समय सूर्य को नंगी ऑँखों (Naked Eyes) से देखने पर आँखों को अत्यधिक क्षति पहुँचती है, क्यों ?
(A) तापमान के कारण
(B) पराबैंगनी विकिरण के कारण
(C) अवरक्त प्रकाश के कारण
(D) इन्द्रधनुषीय प्रकाश के कारण



उत्तर (C)
पूर्ण सूर्यग्रहण (Total Solar fclipse) सूर्यग्रहण की प्रक्रिया का चरण है, जब कुछ समय के लिए चन्द्रमा सूर्य को पूर्णेत: ढक लेता है तथा अंधकार छा जाता है। इस समय सूर्य की ओर देखने से औँखों को कोई क्षति नहीं पहुँचती परन्तु इस दौरान अधिक प्रकाश अवशोषित करने के लिए ऑँखों की पुतलियाँ फैल (Dilate) जाती है। ऐसी स्थिति में जब चन्द्रमा सूर्य के सामने से हटता है तो आँखें सूर्य से आने वाले अवरक्त प्रकाश (Utraviolet ।Light) की अधिक मात्रा अवशोषित कर लेती हैं। जिससे ऑँखों को अत्यधिक क्षति (एक्लप्स ब्लाइडनेस, रेटिनल बर्न्स आदि) पहुँचती है।

18. जब दो समानान्तर समतल दर्पणों के बीच कोई वस्तु रख दी जाती है, तो बनने वाले प्रतिबिम्बों की संख्या कितना होती है?
(A) दो
(B) एक
(C) छः
(D) अनन्त

उत्तर (D)
जब दो समानान्तर समतल दर्पणों के बीच कोई वस्तु रख दी जाती है तो एक दर्पण में बने उस वस्तु के प्रतिबिम्ब को परावर्तित करके दूसरा दर्पण एक नया प्रतिबिम्ब बनाता है। ठीक इसी प्रकार, पहला दर्पण भी दूसरे दर्पण द्वारा बनाए गए प्रतिबिम्ब का प्रतिबिम्ब बनाता है और यह प्रक्रिया अनवरत चलती रहती है । परिणामस्वरूप, अनन्त (सिद्धान्तत:) प्रतिबिम्बों का निर्माण होता है।

19. किसी व्यक्ति का पूर्ण प्रतिविम्ब देखने के लिए एक समतल दर्पण की न्यूनतम ऊँचाई होनी चाहिए-
(A) व्यक्ति की ऊँचाई के बराबर
(B) व्यक्ति की ऊँचाई का आधा
(C) व्यक्ति की ऊँचाई का एक-चौथाई
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं



उत्तर (B)
किसी व्यक्ति का पूर्ण प्रतिबिम्ब देखने के लिए समतल दर्पण की न्यूनतम ऊँचाई उस व्यक्ति की ऊँचाई (h) की आधी (h/2) होनी चाहिए।

20. कौन-सा रंग इंद्रधनुष के मध्य में दिखाई देता है?
(A) नीला
(B) हरा
(C) लाल
(D) पीला





उत्तर (B)
इंद्रधनुष (Rainbow) एक मौसमी परिघटना (Meteorological Phenomenon) है जो वातावरण में उपस्थित जल कणों के द्वारा प्रकाश के परावर्तन (Refection) , अपवर्तन (Refractiom) तथा प्रकीर्णन (Disperson) के कारण होती है। इसमें प्रकाश निम्नलिखित वर्णक्रमों (Spectrum) में विभाजित हो जाता है- लाल (Red), नारंगी (Orange), पीला (Yellow), हरा (Green), नीला (Blue), जामुनी (Indigo) तथा बैंगनी (Violet)। स्पष्ट है कि इन्द्रधनुष के बीच में हरा रंगे होता है।




21. जब लाल, नीले तथा हरे प्रकाश का पुंज एक स्थान पर पड़ता है तब प्रकाश का रंग कैसा हो जाता है?
(A) बैंगनी
(B) लाल
(C) पीला
(D) सफेद



उत्तर (D)
लाल, नीले एवं हरे प्रकाश का पुंज एक स्थान पर पड़ने से श्वेत प्रकाश प्राप्त होता है। प्रकाश में तीन मूल या प्राथमिक रंग (Primary olours) होते हैं- (1) लाल (ii) हरा (iii) नीला। इसको मिलाने से अनेक द्वितीयक रंगों (Secondary colours) जैसे-पीला, मैजेंटा आदि का निर्माण हो सकता है।

22. दोपहर के 12 बजे किस दिशा में इंद्रधन्ष दिखाई देता है-
(A) पश्चिम में
(B) दक्षिण में
(C) पूर्व में
(D) दिखाई नहीं देता



उत्तर (D)
दोपहर के 12 बजे सूर्य सीधे सिर के ऊपर होता है। अतः: प्रकाश का अपवरतन वर्षा की बूँदों में नहीं हो पाता है और हमें इंद्रधनुष दिखाई नहीं पड़ता। इ्द्रधनुष सदेव सूर्य की विपरीत दिशा में दिखाई पड़ता है।

23. निष्नतलिखित कथनों में से कौन एक सही नहीं है?
(A) मृगतृष्णा एक प्रकाशिक भ्रम है जो प्रकाश के पूर्ण आन्तरिक परावर्तन से उत्पन्न होता है।
(B) सर्चलाइट में अवतल दर्पण प्रयुक्त होता है।
(C) गर्मी में सामान्यतया सफेद या हल्के रंग वाले कपड़े गहरे रंग के कपड़ों की तुलना में अच्छे माने जाते हैं।
(D) एक छोटे छिद्र वाला उत्तल दर्पण डॉक्टरों द्वारा रोगियों के कान, नाक या गले की जॉँच के लिए प्रयोग में लाया जाता है।



उत्तर (D)
डॉक्टरों द्वारा रोगी के कान, नाक एवं गले की जॉँच करने के लिए हेड मिरर (Head Mirror) का प्रयोग किया जाता है। यह एक छोटे छिद्र वाला अवतल दर्पण (Concave Mirror) होता है। सामान्यत; इसका प्रयोग छोटी वस्तुओं को बड़े रूप में देखने के लिए किया जाता है। अवतल दर्पण के अन्य प्रयोग दाढ़ी बनाते समय एवं शृंगार (Makeup) के समय, प्रयोग किए जाने वाले दर्पणों के रूप में, वाहनों की हेडलाइट्स में, माइक्रोस्कोप एवं टेलीस्कोप आदि में किये जाते हैं।

24. निकटदृष्टि दोष को कैसे ठीक किया जाता है?
(A) उत्तल लेंस प्रयुक्त करके
(B) अवतल लेंस प्रयुक्त करके
(C) समतल-अवतल लेंस प्रयुक्त करके
(D) समतल कॉँच लेंस प्रयुक्त करके



उत्तर (B)
निकटटृष्टि दोष (Myopia or Near-sightedness) से प्रभावित व्यक्ति को निकट की वस्तुएँ साफ दिखाई देती हैं, परन्तु दूर (सामान्यत: 2 मीटर से अधिक) की वस्तुएँ धुँधली दिखाई देती हैं। क्योंकि, ऑँख द्वारा अपवर्तित प्रकाश रेटिना के पहले ही वस्तु का प्रतिबिम्ब बना देता है। निकटदृष्टि दोष को दूर करने के लिए अवतल लेंस (Concave Lens) का प्रयोग किया जाता है।

25. कार में पीछे के यातायात को देखने के लिए किस प्रकार के दर्पण का प्रयोग होता है?
(A) अवतल दर्पण
(B) समतल दर्पण
(C) उत्तल दर्पण
(D) इनमें से कोई नहीं



उत्तर (C)
उत्तल दर्पंण (Convex Mirror) का दृष्टिक्षेत्र (Field of View) अधिक होता है, इसलिए छोटे दर्पण में अधिक दूर तक का प्रतिबिम्ब दिखाई देता है। यही कारण है कि, वाहनों में पीछे के यातायात को देखने वाले दपेण (Rear View Mirror) के रूप में उत्तल दर्पण का प्रयोग किया जाता है।

26. जल में वायु का बुलबुला, किसकी भाँति व्यवहार करता है?
(A) उत्तल दर्पण
(B) उत्तल लेंस
(C) अवतल दर्पण
(D) अवतल लेंस





उत्तर (D)
जल का बुलबुला एक गोलाकार (Spherical) संरंचना है जिसके भीतर वायु एवं बाहर जल होता हैं। जल एवं वायु का अपवर्तनांक भिन्न होने के कारण जब प्रकाश जल से वायु (बुलबुले के भीतर) में प्रवेश करता है तो यह अभिलम्ब (Normal) से दूर तथा जब वायु से पुन: जल में प्रवेश करता है तो अभिलम्ब की ओर मुड़ जाता है। इस प्रकार यह एक अवतल लेंस (Concave Lens) की भाँति व्यवहार करता है।

27. प्रकाश के रंगों के अलग करने की क्या विधि है?
(A) एक प्रिज्म से रंगों को अलग-अलग किया जा सकता है।
(B) फिल्टर से रंगों को अलग-अलग किया जा सकता है।
(C) पौधों से रंगों को अलग-अलग किया जा सकता है।
(D) रंगों को अलग-अलग नहीं किया जा सकता है।



उत्तर (A)
दृश्य प्रकाश सात रंगों का समूह है जो सामूहिक रूप से श्वेत रंग का दिखने के कारण श्वेत प्रकाश (White Light) कहलाता है। प्रिज्म (Prism) कॉँच अथवा किसी अन्य पारदर्शी पदार्थ से निर्मित एक उपकरण है, जिसमें से श्वेत प्रकाश गुजरने पर प्रकाश का अपवर्तन (Refraction) होता है और प्रिज्म से बाहर निकलते समय वह निम्नलिखित 7 रंगों में प्रकीर्णित (Scatered) हो जाता है-
1. बैंगनी, 2. जामुनी, 3. नीला, 4. हरा, 5. पीला, 6. नारंगी 7. लाल

28. दूर-दृष्टि दोष वाले व्यक्ति के सम्बंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही नहीं है ?
(A) व्यक्ति दूर की वस्तुओं को स्पष्टत: देख सकता है।
(B) लेस का अभ्यान्तर अधिक होता है।
(C) निकट से पिंडों का प्रतिबिम्ब रेटिना के पीछे फोकस होता है।
(D) इस दोष को ठीक करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।



उत्तर (D)
दूरदृष्टि दोष (Hypermetropia or Hyperopia or Far-sightedness) से प्रभावित व्यक्ति को दूर की वस्तुएँ स्पष्ट (Clear) जबकि निकट वस्तुएँ धुँधली (Blur) दिखाई देती हैं। क्योंकि, आँख द्वारा अपवर्तित प्रकाश रेटिना के पीछे वस्तू का प्रतिबिम्ब बनाता है। इस दोष को ठीक करने के लिए उत्तल लेंस (Convex Lens) का प्रयोग किया जाता है।

29. प्रसारी विश्व (Expanding Universe) की संकल्पना किस प्रभाव पर आधारित है?
(A) डॉप्लर प्रभाव पर
(B) स्टार्क प्रभाव पर
(C) जीमान प्रभाव पर
(D) रमन प्रभाव पर



उत्तर (A)
प्रसारी विश्व की संकल्पना डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) पर आधारित है। डॉप्लर प्रभाव के कारण आकाशगंगाओं के केन्द्र से आने वाले प्रकाश में उत्पन्त लाल विचलन (Red shift) यह दर्शाता है कि, वे हमसे दूर जा रही हैं अर्थात हर दिशा में ब्रह्माण्ड का विस्तार हो रहा है।

30. प्रकाश कैसा तरंगें हैं?
(A) वैद्युत तरंगें
(B) चुंबकीय तरंगे
(C) विद्युत चुबंकीय तरंगें
(D) स्थिर वैद्युत तरंगे



उत्तर (C)
प्रकाश तरंगें (दृश्य प्रकाश) विद्युत चुम्बकीय स्पेक्टम (Electromagnetic Spectrum) का एक भाग है। इस प्रकार प्रकाश तरंगें वे विद्युत चुम्बकीय तरंगें हैं, जो द्रव्यमान विहीन (Massless) एवं ऊर्जा युक्त कणों की धारा के रूप में संचरित होती हैं। इन कणों को फोटॉन (Photon) कहते हैं। दृश्य प्रकाश की तरंगदैध्य 400-700 नैनोमीटर के मध्य होती है।

31. प्रकाश-विद्युत प्रभाव कहलाता है जब कोई पदार्थ-
(A) गर्म हो जाए।
(B) सशक्त विद्युत क्षेत्र में रख दिया जाए।
(C) इलेक्ट्रॉन उससे टकराएँ।
(D) विद्युत आवेशित इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन करने लगे



उत्तर (D)
जब किसी पदार्थ (ठोस, द्रव अथवा गैस) किसी विद्युत चुम्बकीय विकिरण (Electromagnetic Radiation), जैसे – दृश्य प्रकाश, एक्स किरणों, गामा किरणों, पराबैंगनी किरणों आदि के सम्पर्क में आता है तो वह पदार्थ उस विकिरण से ऊर्जा अवशोषित करने के पश्चात् विद्युत आवेशित इलेक्ट्रानों (Electrically Charged Electrons) का उत्सर्जन करने लगता है। इस प्रक्रिया को प्रकाश वि्युत प्रभाव तथा उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनो को प्रकाश-इलेक्ट्रॉन (Photoelectrons) कहते हैं।

32. एक इण्डोस्कोप है-
(A) संकीर्ण दूरदशी
(B) कैमरे का प्रकार
(C) सरल सूक्ष्मदर्शी
(D) इनमें से कोई नहीं



उत्तर (D)
इण्डोस्कोप (Endoscope) एक चिकित्सीय उपकरण (Medical Instrument) है। इसमें एक लंबी, पतली और लचीली नलिका होती है, जिसमें एक प्रकाश स्रोत तथा एक वीडियों केमरा जुड़ा होता है। चिकित्सक इस यंत्र का उपयोग मानव शरीर के आंतरिक भागों का चित्र लेने के लिए करते हैं। इसे मानव क प्राकृतिक छिद्रों
जैसे- मुँह, नाक आदि मागों से शरीर में प्रवेश कराया जाता है।

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