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रसायन विज्ञान के महत्त्वपूर्ण प्रश्न उत्तर || Chemistry Important Questions and Answers in Hindi
1. अधिक ऊँचाई वाले स्थानों पर पानी 100 सेण्टीग्रेड से कम तापमान पर ही क्यों उबलने लगता है-
(A) क्योंकि वायुमण्डलीय दबाव कम हो जाता है, अतः जल का क्वथनांक नीचे आ जाता है।
(B) क्योंकि गुरुत्वाकर्षण कम होता है।
(C) पर्वतों पर भारी हवाओं के कारण
(D) उपरोक्त में से कोई सही नहीं है।
उत्तर (A)
अधिक ऊँचाई पर जाने पर वायुमण्डलीय दबाव (Atmospheric Pressure) कम हो जाता है, इसलिए जल के उबलने के लिए कम ऊर्जा अर्थात कम तापमान की आवश्यकता होती है। इस प्रकार जल का क्वथनांक (Boing Point) कम हो जाने से वह जल 100°C से कम ताप पर ही उबलने लगता है। इसके विपरीत, अधिक ऊँचाई वाले स्थानों पर खाना पकने में अधिक समय लगता है क्योंकि, खाने को एक निश्चित ताप पर तथा एक निश्चित समय तक गर्म करना पड़ता है। इसलिए खाना पकाने के लिए उसे अधिक देर तक गर्म करना पड़ता है।
2. किन गैसों का मिश्रण खदानों में होने वाले विस्कोटों का प्रमुख कारण है?
(A) हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन
(B) ऑक्सीजन एवं एसिटलीन
(C) मीथेन एवं वायु
(D) कार्बन डाइऑक्साइड एवं मीथेन
उत्तर (C)
खदानों में सामान्यत: कार्बन मोनोऑक्साइड, कारब्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन आदि गैसें पाई जाती हैं। जिनमें मीथेन सर्वप्रमुख है। जब मीथेन एक निश्चित मात्रा में (5 से 15 प्रतिशत) वायु के साथ मिश्रित हो जाती है तो यह तीव्र विस्फोट करती है जिससे जल, कार्बन डाइऑक्साइड तथा अत्यधिक उष्मा मुक्त होती है।
3. निम्नांकित कथनों में से कौन-सा सत्य है:
(A) डी.डी. टी. – रोगाणुनाशक
(B) आर.डी. एक्स. – विस्फोटक
(C) टी. एन.टी. -कीटनाशक
(D) एल. एस.डी. -विषाणुनाशक
उत्तर (B)
आर.डी. एक्स. (Research Department Explosive-RDX) एक गंधहीन, स्वादहीन, श्वेत रवेदार ठोस (Crystaline Solid) पदार्थ है। जिसे विस्फोटक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसकी खोज वर्ष 1898 में जॉर्ज फ्रेडरिक हेनिंग (जर्मनी) द्वारा की गई थी परन्तु इसका प्रयोग सर्वप्रथम द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान किया गया। इसका रासायनिक नाम साइक्लोट्राईमेथिलीन ट्राईनाइट्रामाइन है। इसे अन्य कई नामों जैसे- साइक्लोनाइट, हेक्सोजेन एवं T4 आदि नामों से भी जाना जाता है।
4. निम्नलिखित में से कौन -सा विस्फोटक नहीं है ?
(A) ट्राईनाइट्रो ग्लिसरीन
(B) ट्राईनाइट्रो टालूइन
(C) क्लोरोफार्म
(D) साइक्लोट्राईमेथिलीन ट्राईनाइट्रामाइन (आर.डी. एक्स)
उत्तर (C)
क्लोरोफार्म का प्रयोग शल्य चिकित्सा के पूर्व रोगी को बेहोश करने के लिए निश्चेतक (Anesthesia) के रूप में किया जाता है।
5. निम्नलिखित विस्फोटकों में से किसमें नाइट्रो ग्लिसरीन एक आवश्यक संघटक के रूप में नहीं पाया जाता है?
(A) कॉर्डाइट में
(B) ब्लास्टिंग जिलेटिन में
(C) डायनामाइट में
(D) ऐमाटोल में
उत्तर (D)
नाइट्रोग्लिसरीन (Nitroglycerin) एक भारी (Heavy), रंगहीन (colorless), तैलीय (Oily), विस्फोटक तरल पदार्थ है। सामान्यत: यह एक श्वेत धूम्र युक्त नाइट्रिक अम्ल है। कॉर्डाइट, ब्लास्टिंग जिलेटिन एवं डायनामाइट में नाइट्रो ग्लिसरीन एक आवश्यक संघटक है। ऐमाटोल एक अत्यधिक विस्फोटक तत्व है जो ट्राई नाइट्रो टालुईन (TNT) तथा अमोनियम नाइट्रेट के मिश्रण से निर्मित होता है। इसमें नाइट्रो ग्लिसरीन नहीं पाया जाता है।
6. निम्नलिखित में से कौन-सा रसायन फल पकाने में सहायता करता है?
(A) इथेफॉन
(B) एट्राजिन
(C) आइसोप्रोटॉन
(D) मैलेथियान
उत्तर (A)
इथेफॉन एक पादप विकास नियामक (Plant Growth Regulator) है। इसका प्रयोग गेहूँ, चावल, कॉफी तम्बाकू एवं कपास पर किया जाता है ताकि पौधे एवं उनके फल तेजी से परिपक्व हो सके। मैलेथियान एक कीटनाशी है।
7. प्रथम विश्वयद्ध में किसका प्रयोग रासायनिक आयुध के रूप में किया गया था?
(A) कार्बन मोनोऑक्साइड
(B) हाइड्रोजन सायनाइड
(C) मस्टर्ड गैस
(D) भाप-अंगार गैस
उत्तर (C)
मस्टर्ड गैस एक जहरीली गैस है जिसका प्रयोग प्रथम विश्वयुद्ध (1914-1919 ई.) रासायनिक आयुध (Chemical Weapon) के रूप में किया गया था। इसका रासायनिक नाम डाईक्लोरों एथिल सल्फॉइड है।
৪. किसके निर्माण में फीनॉल का प्रयोग किया जाता है?
(A) पी.वी.सी.
(B) नायलॉन
(C) पॉलीस्टाइरीन
(D) बैकेलाइट
उत्तर (D)
बेंजीन केन्द्रक का एक या एक से आधिक हाइड्रोजन जब हाइड्रॉक्सल समूह से विस्थापित होता है, तो उससे जो उत्पाद प्राप्त होता है, उसे फीनॉल कहते हैं। यह एक कार्बोलिक अम्ल है। वर्ष 1907 में लियो बैकलैण्ड ने फीनॉल और फार्मेल्डिहाइड की अभिक्रिया के फलस्वरूप बेकेलाइट का निर्माण किया था।
9. छपाई में प्रयोग की जाने वाली स्याही किसके अपघटन से प्राप्त होती है?
(A) एसीटिलीन
(B) मीथेन
(C) कार्बन टेट्राक्लोराइड
(D) बेन्जीन
उत्तर (B)
मीथेन एक रंगहीन, स्वादहीन तथा गंधहीन गैस है। इसके अतिरिक्त यह कार्बनिक पदार्थों के विघटन से भी उत्पन्न होती है एवं कोयले से निकलने वाली गैसों में भी विद्यमान रहती है। मीथेन गैस काले रंग, मोटर टायर, छापेखाने की स्याही पेंट तथा कार्बन की छड़े बनाने में प्रयुक्त होती है। धान के खेत, कोयले की खदानों एवं घरेलू पशु आदि वातावरण में मीथेन उत्सर्जन के कृत्रित स्रोत हैं जबकि आद्रभूमि तथा समुद्र मीथेन उत्सर्जन के प्राकृतिक स्रोत हैं।
10. निम्नलिखित में से कौन सा रसायन फल पकाने के लिए उपयोग में लाया जाता है?
(A) सोडियम क्लोराइड
(B) कैल्शियम कार्बाइड
(C) पोटैशियम क्लोराइड
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर (B)
फलों को पकाने में कैल्शियम काबोइड (CaC2) का प्रयोग किया जाता है। फलों को पकाने की प्रक्रिया में कैल्शियम कार्बाइड नमी (जल) के साथ अभिक्रिया कर एसिटिलीन गैस का निर्माण करता है।
11. एथिल एल्कोहल में कौन सा पदार्थ मिलाकर इसे पीने के अयोग्य बनाया जाता है-
(A) पोटैशियम सायनाइड
(B) मेथेनॉल एवं पिरीडीन
(C) नैप्थेलीन
(D) एसीटिक अम्ल एवं पिरीडीन
उत्तर (B)
एथिल एल्कोहल में मेथेनॉल एवं पिरीडीन मिला देने से यह जहर बन जाता है और इसको पीने से व्यव्ति की मृत्यु हो जाती है।
12. निम्नलिखित में से किसको वुड स्पिरिट भी कहा जाता है।
(A) मेथिल ऐल्कोहल
(B) एथिल ऐल्कोहल
(C) एथिलीन ग्लाइकॉल
(D) ग्लिसरॉल
उत्तर (A)
मेथेनॉल एक हल्का, रंगहीन तथा ज्वलनशील पदार्थ है, जो सामान्य ताप पर तरल अवस्था में पाया जाता है। इसमें किसी भी अन्य तरल ईंधन की अपेक्षा अधिक हाइड्रोजन एवं कम कार्बन पाया जाता है। मेथेनॉल को वुड स्पिरिट अथवा वुड एल्कोहल भी कहा जाता है। क्योंकि इसे लकड़ी के आसवन (Distillation of Wood) की प्रक्रिया में उप-उत्पाद (By Product) के रूप में प्राप्त किया जाता है।
13. शक्कर के किण्वन से क्या बनता है ?
(A) इथाइल एल्कोहल
(B) मिथाइल एल्कोहल
(C) एसिटिक एसिड
(D) क्लोरोफिल
उत्तर (A)
शक्कर अथवा शर्करा (C12H22O11) के किण्वन (Fermentation) से इथाइल (एथिल) एल्कोहल (C2H5OH) बनता है। यह एक प्रमुख औद्योगिक रसायन (Industrial Chemical) है जो विलायक (Solvent) के रूप में, अन्य कार्बनिक पदार्थों के संश्लेषण में तथा गैसोहॉल (पेट्रोल एवं एथिल एल्कोहल के मिश्रण) के निर्माण में प्रयोग किया जाता है।
14. शीरा (Molasses) किसके उत्पादन के लिए अति उत्तम कच्चा माल है?
(A) ग्लिसरीन
(B) यूरिया
(C) एल्कोहल
(D) पैराफिन
उत्तर (C)
शीरा (Molasses) शहद के समान एक गाढ़ा तरल पदार्थ है जो चीनी के निर्माण के दौरान उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है। शीरा में सुक्रोज के रूप में 50-55% शर्करा पायी जाती है इसलिए यह एल्कोहल (एथिल एल्कोहल) के निर्माण में एक उत्तम कच्चा माल माना जाता है। 1 टन एथिल एल्कोहल के उत्पादन के लिए लगभग 5.6 टन शीरा की आवश्यकता होती है।
15. निम्नलिखित में से कौन -सा पॉलीमर नहीं है ?
(A) नायलॉन
(B) टैफ्लॉन
(C) कैप्रोलक्टम
(D) पॉलीस्टाइरीन
उत्तर (C)
कैप्रोलैक्टम (Caprolactam) एक कार्बनिक यौगिक है जिसका प्रयोग नायलॉन-6 तथा रेजिन आदि संश्लेषित रेशों (Synthetic Fibres) क निर्माण में कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है।
16. गन पाउडर किसका मिश्रण है-
(A) रेत और टी.एन. टी.
(B) टी.एन.टी. और चारकोल
(C) सल्फर, रेत और चारकोल
(D) नाइट्रेट, सल्फर और चारकोल
उत्तर (D)
गन पाउडर को ब्लैक पाउडर भी कहा जाता है। यह सर्वाधिक प्राचीन रासायनिक विस्फोटक (Chemical Explosive) है। गन पाउडर सल्फर, चारकोल और पोटैशियम नाइट्रेट (साल्टपीटर ) का मिश्रण होता है जिसमें, सल्फर और चारकोल ईंधन के रूप में तथा पोटैशियम नाइट्रेट आक्सीकारक के रूप में कार्य करता है। गन पाउडर का प्रयोग बंदूकों एवं तोपों तथा खदानों में विस्फोट के लिए तथा पटाखा उद्योग (Fireworks Industry) में किया जाता है।
17. नि्न में से कौन सा मिश्रण टी. एन.टी. (Trinitrotoluene) के विस्फोट का कारण है।
(A) अमोनियम क्लोराइड
(B) अमोनियम नाइट्रेट
(C) अमोनियम सल्फेट
(D) अमोनियम नाइट्राइट
उत्तर (B)
टालुइन (Toluene) को सान्द्र नाइट्रिक अम्ल (HNO3) तथा सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) के साथ लंबे समय तक गर्म करने पर टी.एन. टी. (Trinitrotoluene) का निर्माण होता है। सामरिक (Military) एवं औद्योगिक (Industrial ) उद्देश्यों के साथ -साथ टी.एन.टी. का प्रयोग खदानों में विस्पफोट के लिए भी किया जाता है। यह अन्य विस्फोटकों (जैसे नाइट्रोग्लिसरीन) से अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित है।
18. अमोनल किसका मिश्रण है?
(A) एल्युमिनियम पाउडर और अमोनियम नाइट्रेट का
(B) एल्युमिनियम पाउडर और अमोनियम क्लोराइड का
(C) एल्युमिनियम पाउडर और अमोनियम सल्फेट का
(D) एल्युमिनियम पाउडर और पोटेशियम नाइट्रेट का
उत्तर (A)
अमोनल (Ammonal), एक विस्फोटक पदार्थ है जो एल्युमिनियम पाउडर और अमोनियम नाइट्रेट का मिश्रण है। इसमें एल्युमिनियम पाउडर ईंधन के रूप में तथा अमोनियम नाइट्रेट ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है। पहले अमोनल का प्रयोग सेना द्वारा लैंड माइन्स या भूमिगत सुरंगों को बिछाने में किया जाता था। परन्तु, वर्तमान में यह औद्योगिक विस्फोटक के रूप में खदानों में विस्फोट के लिए एवं चट्टानों के उत्खनन (Quarrying) में प्रयोग होता है।
19. सीमेंट के रासायनिक घटक हैं।
(A) चूना पत्थर और मिट्टी
(B) चूना पत्थर, चिकनी मिट्टी और जिप्सम
(C) चूना पत्थर और जिप्सम
(D) चिकनी मिट्टी और जिप्सम
उत्तर (B)
सीमेंट (Cement) एक जोड़ने वाला पदार्थ (Binder or Adhesive) है जो भवन निर्माण में प्रयुक्त होने वाले पदार्थों (ईंट, पत्थर) को जोड़ने में प्रयोग किया जाता है। सीमेंट बारीक पिसे हुए चूर्ण के रूप में होती है जो जल के साथ मिलाने पर अत्यन्त कठोर हो जाती है। विश्व भर में सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली सीमेंट पोर्टलैण्ड सीमेंट है, जिसके निर्माण में
निम्नलिखित पदाथों का प्रयोग किया जाता है-
*चूना पत्थर अर्थात कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3),
*चिकनी मिट्टी (Clay),
* सिलिका (SiO2),
* जिप्सम (CaSo4.2H2O),
* एल्युमिना (Al2O3) तथा आयरन ऑक्साइड (Fe2O3)।
20. पानी की उपस्थिति में सीमेंट के जमने की अभिक्रिया क्या कहलाती है?
(A) एक ऑक्सीकरण अभिक्रिया कहलाती है।
(B) एक अपघटन अभिक्रिया कहलाती है।
(C) एक द्विअपघटन अभिक्रिया कहलाती है।
(D) एक जलयोजित अभिक्रिया कहलाती है।
उत्तर (D)
सीमेंट का जमना एक जलयोजन अभिक्रिया (Hydration Reaction) है। सीमेंट में जल मिलाने पर कुछ समय के बाद सीमेंट में उपस्थित लगभग सभी यौगिक जल के अणुओं के साथ रासायनिक बन्धों (Chemical Bonds) के द्वारा हाइड्रेट्स (जल युक्त पदार्थ) का निर्माण करते हैं, यह प्रक्रिया जलयोजन (Hydration) कहलाती है। इस प्रक्रिया के दौरान सीमेंट के सूक्ष्म कणों से बड़े रवेदार कणों (Crystal) का निर्माण होता है, जों आपस में जुडकर सीमेंट को कठोरता प्रदान करते हैं और सीमेंट जम (Set ) जाता है।
21. कंक्रीट किसका मिश्रण है?
(A) सीमेंट, चूना और पानी
(B) सीमेंट, रेत, बजरी और पानी
(C) सीमेंट, रेत और पानी
(D) कोई नहीं
उत्तर (B)
कंक्रीट सीमेंट , रेत, बजरी और पानी का मिश्रण होता है। यह मिश्रण (अर्थात् कंक्रीट) एक अत्यंत कठोर संरचना में जम जाता है जिसका प्रयोग फर्श, सड़क और छतों के निर्माण में किया जाता है।
22. निम्न में से किसको मिलाने पर काँच का रंग हरा हो जाता है?
(A) कैल्शयम ऑक्साइड
(B) आयरन ऑक्साइड
(C) क्रोमियम ऑक्साइड
(D) मैंगनीज ऑक्साइड
उत्तर (C)
कॉँच को विभिन्न रंग प्रदान करने वाले रसायन निम्नवत् हैं-
* क्रोमियम ऑक्साइड – यह काँच को हरा रंग प्रदान करता है।
* मैंगनीज डाइऑक्साइड – यह कॉँच को लाल रंग प्रदान करता है।
* आयरन ऑक्साइड – यह कॉँच को भूरा रंग प्रदान करता है।
* कोबाल्ट ऑक्साइड – यह काँच को गहरा नीला रंग प्रदान करता है।
23. रसायनिक उपकरण जैसे बीकर, फनल इत्यादि बनाने के लिए किस प्रकार की काँच किया जाता है।
(A) पोटाश काँच
(B) कठोर काँच
(C) सोडा काँच
(D) जेना काँच
उत्तर (B)
पोटाश-लाइम कॉँच को कठोर कॉँच भी कहा जाता है। यह सिलिका, कैल्शियम कार्बोनेट तथा पोटैशियम कार्बोनेट के मिश्रण से बनाया जाता है। यह कॉच अम्लों, क्षारों तथा अन्य विलायकों के प्रति सामान्य काँच की अपेक्षा अधिक प्रतिरोधी (Resistant) होती है। इसीलिए, इसका प्रयोग रासायनिक उपकरणों (बीकर, फनल, फ्लास्क, दहन नली आदि) के निर्माण में किया जाता है।
24. निम्न में से कौन सा ईंधन निम्नतम पर्यावरण प्रदूषक है?
(A) हाइड्रोजन
(B) कोयला
(C) डीजल
(D) मिट्टी का तेल
उत्तर (A)
हाइड्रोजन के दहन के परिणामस्वरूप, केवल जलवाष्प (Water Vapour) का उत्सर्जन होता है इसलिए यह अन्य ईंधनों की अपेक्षा पर्यावरण को सबसे कम प्रदूषित करता है। यह विद्युत रासायनिक बैटरी और आंतरिक दहन वाले इंजनों में प्रयोग किया जाता है।
25. माइका कौन सा गुण प्रदर्शित करता है ?
(A) ऊष्मा का चालक तथा विद्युत का कुचालक
(B) ऊष्मा तथा विद्युत दोनों का कुचालक
(C) ऊष्मा तथा विद्युत दोनों का चालक
(D) ऊष्मा का कुचालक तथा विद्युत चालक
उत्तर (A)
अभ्रक (Mica) एक बहुपयोगी गैर-धात्वीय खनिज है, जो आग्नेय (Igneous) एवं रूपांतरित (Metamorphic) चट्टानों में पाया जाता है। अभ्रक एक जटिल सिलिकेट यौगिक (Silicate Compound) जिसमें पोटैशियम, सोडियम और लीथियम जैसे क्षारीय पदार्थ मिश्रित रहते हैं। यह उष्मा का सुचालक (Good Conductor) विद्युत का कुचालक (Bad Conductor) होता है। अभ्रक का उपयोग टेलीफोन, डायनेमो, कंडेसर, लैंव की चिमनी, दर्पण, हीटर, पेंट आदि के निर्माण में किया जाता है।
26. भारी जल (Heavy Water) एक प्रकार का क्या है?
(A) शीतलक है
(B) मंदक है
(C) अयस्क है
(D) ईंधन है
उत्तर (B)
भारी जल का रासायनिक नाम ड्यूटीरियम ऑक्साइड (D2O) है। हाइडोजन का समस्थानिक ड्यूटीरियम, ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके ड्यूटीरियम आक्साइड (D2O) बनाता है। ड्यूटीरियम की खोज 1931 ई. में अमेरिकी वैज्ञानिक हेराल्ड क्लेटन उरे ने की थी। जिसके लिए उन्हें 1934 ई. में नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
27. निम्नलिखित में से कौन -सी गैस पीने के पानी को शुद्ध करने के लिए प्रयोग की जाती है?
(A) हीलियम
(B) क्लोरीन
(C) फ्लोरीन
(D) कार्बेन डाइऑक्साइड
उत्तर (B)
पीने के पानी को शुद्ध करने के लिए इसमें निस्संक्रमक (Disinfectant) के रूप में क्लोरीन गैस (Cl2) मिलायी जाती है। क्लोरीन पानी में जाए जाने वाले सूक्ष्मजीवों (Microbes) कीटाणुओं (Bacteria) एवं विषाणुओं (Viruses ) को नष्ट करके पीने योग्य बनाती है। यह प्रक्रिया जल का क्लोरीकरण (Chlorination of water) कहलाती है।
28. फिटकरी गंदे पानी को किस प्रक्रिया द्वारा स्वच्छ करती है?
(A) अवशोषण
(C) स्कंदन
(B) अधिशोषण
(D) अपोहन
उत्तर (C)
फिटकरी (Alum) अर्थात पोटैशियम एल्युमीनियम सल्फेट एक क्रिस्टलीय पदार्थ है। फिटकरी को गंदे जल में मिलाने पर यह जल में घुली हुई अशुद्धियों को थक्के के रूप में जमा देता है। यह प्रक्रिया स्कन्दन (Coagluation) कहलाती है। ये अशुद्धियाँ अवसाद (Sediment) के रूप में बर्तन की तलहटी में जमा हो जाती हैं और ऊपर का जल लगभग स्वच्छ हो जाता है।
29 कौन-सी गैस नोबेल गैस कहलाती है ?
(A) हाइड्रोजन
(B) ऑक्सीजन
(C) हीलियम
(D) कार्बन-डाइऑक्साइड
उत्तर (C)
आवर्ते सारणी (Periodic Table) के समूह 18 में रखे गए 7 रासायनिक तत्वों को नोबेल गैस अथवा अक्रिय गैस कहा जाता हैं।
इस वर्ग में शामिल गैसें निम्नवत् हैं
हीलियम (He), नीऑन (Ne), आर्गन (Ar), क्रिप्टॉन (Kr), जीनॉन (Xe), रेडान (Rn) तथा
ऑगनेसॉन (Og)। नोबेल गैसें रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन तथा अज्वलनशील होती हैं।
30. गोताखोरों द्वारा साँस लेने के लिए उपयोग की जाने वाली गैसें कौन है?
(A) ऑक्सीजन तथा आर्गन
(B) ऑक्सीजन तथा रेडान
(C) ऑक्सीजन तथा निऑन
(D) ऑक्सीजन तथा हीलियम
उत्तर (D)
गोताखोरों (Divers) के द्वारा समुद्र के अंदर साॉँस लेने के लिए विभिन्न प्रकार की गैसों का मिश्रण प्रयोग किया जाता है- ऑक्सीजन तथा हीलियम के मिश्रण (Heliox) का दबाव सामान्य वायु के दबाव से कम होता है इसलिए तकनीकी गोताखोरों (Technical Divers) के द्वरा लम्बी दूरी एवं अधिक गहरे समुद्र में गोताखोरी के दौरान इसका प्रयोग किया जाता है। नाइट्रोजन एवं ऑक्सीजन के मिश्रण (Nitrox) को एनरिच्ड एयर (Enriched Air) भी कहते हैं क्योंकि, इसमें शुद्ध नाइट्रोजन एवं ऑक्सीजन का मिश्रण होता है जिसमें ऑक्सीजन की सामान्य से अधिक मात्रा (22-40%) होती है। इसका प्रयोग उन गोताखोरों द्वारा किया जाता है जो मनोरंजन के लिए उथले समुद् (Shallon Ocean) में गोताखोरी करते हैं।
31. कौन सी हास्य गैस (लाफिंग गैस ) के रूप में प्रयुक्त होता है?
(A) नाइट्रस ऑक्साइड
(B) नाइट्रोजन डाईआक्साइड
(C) नाइट्रोजन ट्राईऑक्साइड
(D) नाइट्रोजन टेट्राऑक्साइड
उत्तर (A)
नाइटूस ओक्साइड (N2O) को सामान्यत: हास्य गैस (Laughing Gas) अथवा नाइट्रस (Nitrous) कहा जाता है। यह एक रंगहीन अज्वलनशील तथा मधुर गंध एवं स्वाद (Sweet Odour and Taste) वाली गैस है। इसे सूंघने (Inhale) पर अत्यंत सुखद अनुभव होता है और हँसी आती है। नाइट्रस ऑक्साइड का सर्वप्रमुख प्रयोग दंत चिकित्सा (Dentistry) एवं शल्य क्रिया (Surgery) के दोरान निश्चेतक (Anaesthetic) के रूप में किया जाता है।
32. निम्नलिखित में से किस एक को स्ट्रैंजर गैस भी कहते हैं ?
(A) आर्गन
(B) नियॉन
(C) जीनॉन
(D) नाइट्रस ऑक्साइड
उत्तर (C)
हवा से भरी जीनॉन (Xe) गैस को स्ट्रैंजर गैस भी कहा जाता है। जीनॉन (Xenon-Ze) रंगहीन, स्वादहीन एक अक्रिय गैस (Inert Gas) है, इसे वर्ष 1898 में विलियम रामसे (स्कॉटलैण्ड) तथा मॉरिस ट्रेवर्स (इंग्लैण्ड ) द्वारा खोजा गया था। विलियम रामसे ने चार नोबल गैसों की खोज की थी- हीलियम, क्रिप्टॉन, रेडॉन तथा जीनॉन। जीनॉन का प्रयोग जीनॉन फ्लैश लैम्प (प्रकाश उत्सर्जक यंत्र) में, फोटोग्राफी में प्रयुक्त होने वाले फ्लेश में, लेजर में तथा निश्चेतक के रूप मे किया जाता है।
33. वायुयानों के टायरों में भरने में किस गैस का प्रयोग किया जाता है?
(A) हाइड्रोजन
(B) नाइट्रोजन
(C) हीलियम
(D) नियॉन
उत्तर (B)
उड़ान भरते समय (Take off Landing) तथा उतरते समय वायुयान के टायरों का दबाव एवं तापमान बहुत उच्व होता है जिससे टायरों में विस्फोट होने की संभावना प्रबल हो जाती है। नाइट्रोजन एक कम क्रियाशील गैस है जो ज्वलनशील होती है तथा टायर में प्रयुक्त होने वाली रबड़ के अनुकूल होती है। इसलिए वायुयान क टायरों में नाइट्रोजन का प्रयोग अधिक सुरक्षित होता है।
34. अश्रु गैस में प्रयोग की जाने वाली गैस है-
(A) अमोनिया
(B) क्लोरीन
(C) कवल A
(D) A और B दोनों
उत्तर (D)
अश्रु गैस (Tear Gass) में सामान्यत: अमोनिया (NH3) का प्रयोग किया जाता है। क्लोरीन, एल्फा क्लोरो एसीटोफिनॉन, एक्रोलिन आदि अन्य प्रमुख अश्रु गैसें हैं। अश्रु गैस का प्रयोग कभी कभी अनियंत्रित भीड को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है। यह मानव नेत्र के सम्पर्क में आने से ऑँखों में जलन उत्पन्न करती है।
35. हैलोजनों में सबसे अधिक अभिक्रियाशील है-
(A) फ्लोरीन
(B) क्लोरीन
(C) ब्रोमीन
(D) आयोडीन
उत्तर (A)
इन हैलोजनों मे फ्लोरीन सबसे अधिक अभिक्रियाशील है। हैलोजन समूह में 6 तत्व शामिल हैं- फ्लोरीन (F), क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br), आयोडीन (I), एस्टेटीन (At) तथा कृत्रिम रूप से निर्मित तत्व टेनेसीन (Ts)। सामान्य ताप पर फ्लोरीन एवं क्लोरीन गैसीय अवस्था में, आयोडीन तथा एस्टेटीन ठोस अवस्था में तथा ब्रोमीन द्रव अवस्था में पाया जाता है।
36. ट्यूब लाइट में निम्न दाब पर भरा जाने वाला गैसीय मिश्रण है
(A) ऑर्गन और नियॉन
(B) नियाॉन और पारे की वाष्प
(C) नाइट्रोजन एवं नियॉन
(D) केवल ऑर्गन
उत्तर (B)
ट्यूब लाइट कॉँच की एक लम्बी ट्यूब होती है जिसका प्रयोग प्रकाश उत्सर्जन के लिए किया जाता है। ट्यूब के अंदर आर्गन जीनॉन, नियॉन अथवा क्रिप्टॉन आदि अक्रिय गैस को पारे की वाष्प के साथ भर दिया जाता है। ट्यूब की भीतरी सतह पर फॉस्फर पाउडर का लेप चढ़ाया जाता है क्योंकि यह पराबैंगनी प्रकाश को दृश्य प्रकाश में परिवतित कर देता है। जिससे ट्यूबलाइट आँखों के लिए सुरक्षित और अधिक मात्रा में प्रकाश प्रदान करती है।
