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पाचन एवं उत्सर्जन तंत्र से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
1. मानव शरीर में सबसे बड़ी ग्रंथि (Gland) कौन है?
(A) अग्न्याशय
(B) आमाशय
(C) थॉयराइड
(D) यकृत
Answer: (D) यकृत
Explanation: यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि तथा सबसे बड़ा आंतरिक अंग भी है। इसका भार लगभग 1.5 किग्रा तथा आकार लगभग 16 सेमी. होता है। यकृत एक पाचक ग्रंथि है जिसमें पित्त रस (Bile Juice) का निर्माण होता है। यकृत ग्लाइकोजेनेसिस क्रिया के द्वारा अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजेन में परिवर्तित कर देता है जो भविष्य के उपयोग के लिए यकृत तथा पेशियों में संचित हो जाता है।
2. पित्तारस का संचय किस अंग में होता है?
(A) यकृत
(B) आमाशय
(C) पित्ताशय
(D) अग्न्याशय
Answer: (C) पित्ताशय
Explanation: पित्त रस (Bile Juice) पीले-हरे अथवा पीले भूरे रंग का क्षारीय तरल होता है। इसका निर्माण यकृत में होता है परन्तु संचय पित्ताशय (Gallbladder) में होता है। जब पित्ताशय में पथरी (Stone) हो जाती है तो वसायुक्त भोजन के पाचन में समस्या होती है।
3. निम्नलिखित में से कौन पाचक एंजाइम नहीं है?
(A) ट्रिप्सिन
(B) गैस्ट्रिन
(C) एमाइलेज
(D) लाइपेज
Answer: (B) गैस्ट्रिन
Explanation: गैस्ट्रिन एंजाइम नहीं बल्कि हार्मोन है जो आमाशय (Stomach) तथा ग्रहणी (Duodenum) से स्रावित होता है। शेष सभी विकल्प एंजाइम हैं। ट्रिप्सिन अग्न्याशय से स्त्रावित होता है तथा प्रोटीन को अमीनो अम्लों में तोड़ता है। एमाइलेज – लार ग्रंथि तथा अग्न्याशय से स्रावित होता है तथा मण्ड (Starch) को शर्करा (Sugar) में तोड़ता है। लाइपेज – अग्न्याशय से स्रावित होता है तथा खाद्य वसाओं अर्थात लिपिड्स को वसीय अम्लों तथा मोनोग्लिसराइड्स में तोड़ता है।
4. निम्नलिखित में कौन सा एंजाइम ग्लूकोज को इथेनॉल में परिवर्तित करता है?
(A) जाइमेज
(B) माल्टेज
(C) इन्वर्टेज
(D) डायस्टेज
Answer: (A) जाइमेज
Explanation: जाइमेज (Zymase) नामक एंजाइम ग्लूकोज (शर्करा ) के इथेनॉल एवं कार्बन डाइऑक्साइड में किण्वन को प्रेरित करता है।
5. पाचन एवं पाचन तंत्र से सम्बाधत असत्य कथन है-
(A) ग्रहण किया गया भोजन ग्लूकोज वसीय अम्ल तथा अमीनो अम्ल के जटिल मिश्रण रूप में होता है।
(B) पाचन ग्रहण किए गए भोज्य पदार्थ को सरल एवं घुलनशील अणुओं में परिवर्तित करने की प्रक्रिया है।
(C) पाचन तंत्र के अन्तर्गत आहारनाल तथा पाचन ग्रंथियाँ शामिल की जाती हैं।
(D) भोजन का अधिकांश पाचन एवं पचे हुए भोज्य पदार्थ का अवशोषण छोटी आँत में होता है।
Answer: (A) ग्रहण किया गया भोजन ग्लूकोज वसीय अम्ल तथा अमीनो अम्ल के जटिल मिश्रण रूप में होता है।
Explanation: कथन (A) असत्य है क्योंकि ग्रहण किया गया भोजन कार्बोहाइड्रेट वसा तथा प्रोटीन के बड़े एवं जटिल अणुओं के रूप में होता है जिसे विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं एवं एंजाइमों की सहायता से ग्लूकोज वसीय अम्ल तथा अमीनो अम्ल के छोटे एवं सरल अणुओं में परिवर्तित कर दिया जाता है।
6. पाचक एंजाइमों एवं उससे सम्बंधित अंगों का गलत समूह है-
(A) टॉयलिन – लार ग्रंथियाँ
(B) पेप्सिन – आमाशय
(C) माल्टेज – बड़ी आँत
(D) ट्रिप्सिनोजेन – पित्ताशय
Answer: (D) ट्रिप्सिनोजेन – पित्ताशय
Explanation: ट्रिप्सिनोजेन (Trypsinogen) नामक एंजाइम अग्न्याशय (Pancreas) से स्त्रावित होता है। एन्जाइम (Enzyme) वस्तुत: प्रोटीन होते हैं जो जैव-उत्प्रेरक (Biocatalyst) के रूप में जैव-रासायनिक क्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं अथवा उनकी गति बढ़ाते हैं।
7. निम्नलिखित पदार्थ एवं उनके वर्ग का सही सुमेल नहीं है-
(A) पेप्सिन – कार्बोहाइड्रेट
(B) कैरोटिन – विटामिन
(C) करेटिन – प्रोटीन
(D) टेस्टोस्टेरॉन – हार्मोन
Answer: (A) पेप्सिन – कार्बोहाइड्रेट
Explanation: पेप्सिन एक एंजाइम है जो आमाशय में निर्मित होता है। पेप्सिन प्रोटीन को अपेक्षाकृत छोटे पालीपेप्टाइड्स तथा अमीनो अम्लों में तोड़कर उसका पाचन करता है।
8. लैंगरहैंस की दीपिकाएँ किस अंग में उपस्थित होती है?
(A) छोटो आँव
(B) अग्न्याशय
(C) बड़ी अंत
(D) यकृत
Answer: (B) अग्न्याशय
Explanation: लेंगरहैंस की द्वीपिकाएं (Islets of Langerhans) अग्न्याशय में स्थित होती है। इनमें अल्फा बीटा गामा डेल्टामा एप्सिलॉन नामक कोशिकाएँ पायी जाती है। अल्फा कोशिकाएँ ग्लूकंगॉन का बीटा कोशिकाएँ इंसुलिन एवं एमाइलिन का करती हैं। इंसुलिन के अति स्राव से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है जिससे हाइपोग्लाइसीमिया नामक रोग हो जाता है और मानव की प्रजनन एवं दृष्टि क्षमता प्रभावित होती है।
9. मीठे स्वाद का अनुभव करवाने वाली स्वाद कलिकाएँ मनुष्य की जीभ में कहाँ उपस्थित होती है?
(A) अग्रभाग पर
(B) पार्श्व (किनारे) की ओर
(C) पश्चभाग पर
(D) मध्य भाग पर
Answer: (A) अग्रभाग पर
Explanation: मनुष्य की लोभ के अग्रभाग पर मीठे पार्श्व भाग पर नमकीन एवं खट्टे तथा पश्चभाग पर कड़वे स्वाद का अनुभव करवाने वाली स्वाद कलिकाएँ पाई जाती है।
10. वृक्क, अश्मरी (पथरी) किस रासानिक पदार्थ से निर्मित होती है?
(A) कैल्शियम एसीटेट
(B) कैल्शियम कार्बोनेट
(C) कैल्शियम ऑक्जलेट
(D) कैल्शियम सल्फेट
Answer: (C) कैल्शियम ऑक्जलेट
Explanation: मानव वृक्क में बनने वाली पथरी मुख्यत कैल्शियम ऑक्जलेट के क्रिस्टलों का एकत्रण है जिससे मूत्र के निष्कासन मे रुकावट आती है।
11. एक वयस्क स्वस्थ मनुष्य द्वारा एक दिन में उत्सर्जित मूत्र की मात्रा है-
(A) लगभग 1.5 लीटर
(B) लगभग 3 लीटर
(C) लगभग 4 लीटर
(D) लगभग 6 लीटर
Answer: (A) लगभग 1.5 लीटर
Explanation: एक वयस्क स्वस्थ मनुष्य एक दिन में लगभग 1.5 लीटर मूत्र का उत्सर्जन करता है। मूत्र हल्का पीला पारदर्शी, गन्धयुक्त अम्लीय व जलीय द्रव है जिसका औसत pH मान 6.0 होता है। मूत्र में मुख्यतः जल (95%), यूरिया (2%), प्रोटीन, वसा, शर्करा व अन्य कोलाइड्स (1.3%), यूरिक अम्ल (0.03%), कैल्शियम (0.015%) आदि उपस्थित होते हैं।
12. मानव शरीर में रक्त के शुद्धीकरण की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(A) डायलिसिस
(B) हिमोलिसिस
(C) ऑसमोसिस
(D) पैरालिसिस
Answer: (A) डायलिसिस
Explanation: मानव शरीर में रक्त के शुद्धीकरण की प्रक्रिया को अपोहन अथवा डायलिसिस (Dialysis) कहते हैं। मानव शरीर में 1 जोड़ी वृक्क (Kidneys) होते हैं जो रक्त का शुद्धीकरण करते हैं। यह रक्त में उपस्थित फॉस्फेट व नाइट्रोजन यौगिक यूरिया तथा यूरिक अम्ल को अलग करता है तथा रक्त के परासरणी दाब (Osmotic Pressure) को नियमित करता है। जब कभी रक्त को शुद्ध नहीं कर पाता है तो कृत्रिम अपोहक (Artificial Dialyzer) का प्रयोग किया जाता है।
13. एल्कोहल के निराविषन (Detoxification) के लिए उत्तरदायी अंग कौन है?
(A) यकृत
(B) फेफड़े
(C) वृक्क
(D) हृदय
Answer: (A) यकृत
Explanation: यकृत का एक महत्त्वपूर्ण कार्य निराविषन (Detoxification) है। यह रक्त में उपस्थित अमोनिया उपापचयी अपशिष्टों (Metabolic Waste) औषधियों, एल्कोहल तथा रसायनों को अलग कर देता है ताकि वे शरीर के बाहर उत्सर्जित किए जा सके।
14. अंग तथा उनसे उत्सर्जित अपशिष्ट पदार्थों का गलत समूह है-
(A) वृक्क – यूरिया एवं जल का उत्सर्जन
(B) फेफड़े – कार्बन डाइऑक्साइड व जल वाष्प का उत्सर्जन
(C) यकृत – सीबम व अमीनो अम्ल का उत्सर्जन
(D) स्वेद ग्रंथियों – लवण व लैक्टिक अम्ल का उत्सर्जन
Answer: (C) यकृत – सीबम व अमीनो अम्ल का उत्सर्जन
Explanation: शरीर के उत्सर्जन तंत्र में यकृत (Liver) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यकृत कोलेस्ट्रॉल, बिलिरुबिन व बिलिवर्डिन नामक पित वर्णकों का उत्सर्जन करता है। ये पदार्थ पित्त एवं आँतों से होते हुए मल के साथ बाहर उत्सर्जित हो जाते हैं।
15. उत्सर्जन (Exeretion) से सम्बंधित असत्य कथन है-
(A) यह शरीर में निर्मित हानिकारक एवं विषाक्त अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की जैविक क्रिया है।
(B) कार्बन डाइऑक्साइड, जल, यूरिया, अमोनिया यूरिक अम्ल उत्सर्जी पदार्थ हैं।
(C) मनुष्य नाइट्रोजन का उत्सर्जन यूरिक अम्ल के रूप में करते हैं।
(D) उत्सर्जन के आधार पर जंतुओं को अमोनोटेलिक यूरियोटेलिक तथा यूरिकोटेलिक वर्गों में विभाजित किया जाता है।
Answer: (D) उत्सर्जन के आधार पर जंतुओं को अमोनोटेलिक यूरियोटेलिक तथा यूरिकोटेलिक वर्गों में विभाजित किया जाता है।
Explanation: कथन (C) असत्य है जबकि शेष कथन सत्य है। मनुष्य सहित सभी स्तनधारी तथा अधिकांश उभयचर भी (मेढ़क व कछुए) नाइट्रोजन का उत्सर्जन यूरिया के रूप में करते हैं। अमोनिया का उत्सर्जन करने वाले जंतुओं (मछलियाँ, केकड़ा, प्रोटोजोआ) को अमोनोटेलिक तथा यूरिक अम्ल का उत्सर्जन करने वाले जन्तुओं (पक्षी, सरीसर्प, कीट आदि) को यूरिकोटेलिक कहा जाता है।
(A) अग्न्याशय
(B) आमाशय
(C) थॉयराइड
(D) यकृत
Answer: (D) यकृत
Explanation: यकृत (Liver) मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि तथा सबसे बड़ा आंतरिक अंग भी है। इसका भार लगभग 1.5 किग्रा तथा आकार लगभग 16 सेमी. होता है। यकृत एक पाचक ग्रंथि है जिसमें पित्त रस (Bile Juice) का निर्माण होता है। यकृत ग्लाइकोजेनेसिस क्रिया के द्वारा अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजेन में परिवर्तित कर देता है जो भविष्य के उपयोग के लिए यकृत तथा पेशियों में संचित हो जाता है।
2. पित्तारस का संचय किस अंग में होता है?
(A) यकृत
(B) आमाशय
(C) पित्ताशय
(D) अग्न्याशय
Answer: (C) पित्ताशय
Explanation: पित्त रस (Bile Juice) पीले-हरे अथवा पीले भूरे रंग का क्षारीय तरल होता है। इसका निर्माण यकृत में होता है परन्तु संचय पित्ताशय (Gallbladder) में होता है। जब पित्ताशय में पथरी (Stone) हो जाती है तो वसायुक्त भोजन के पाचन में समस्या होती है।
3. निम्नलिखित में से कौन पाचक एंजाइम नहीं है?
(A) ट्रिप्सिन
(B) गैस्ट्रिन
(C) एमाइलेज
(D) लाइपेज
Answer: (B) गैस्ट्रिन
Explanation: गैस्ट्रिन एंजाइम नहीं बल्कि हार्मोन है जो आमाशय (Stomach) तथा ग्रहणी (Duodenum) से स्रावित होता है। शेष सभी विकल्प एंजाइम हैं। ट्रिप्सिन अग्न्याशय से स्त्रावित होता है तथा प्रोटीन को अमीनो अम्लों में तोड़ता है। एमाइलेज – लार ग्रंथि तथा अग्न्याशय से स्रावित होता है तथा मण्ड (Starch) को शर्करा (Sugar) में तोड़ता है। लाइपेज – अग्न्याशय से स्रावित होता है तथा खाद्य वसाओं अर्थात लिपिड्स को वसीय अम्लों तथा मोनोग्लिसराइड्स में तोड़ता है।
4. निम्नलिखित में कौन सा एंजाइम ग्लूकोज को इथेनॉल में परिवर्तित करता है?
(A) जाइमेज
(B) माल्टेज
(C) इन्वर्टेज
(D) डायस्टेज
Answer: (A) जाइमेज
Explanation: जाइमेज (Zymase) नामक एंजाइम ग्लूकोज (शर्करा ) के इथेनॉल एवं कार्बन डाइऑक्साइड में किण्वन को प्रेरित करता है।
5. पाचन एवं पाचन तंत्र से सम्बाधत असत्य कथन है-
(A) ग्रहण किया गया भोजन ग्लूकोज वसीय अम्ल तथा अमीनो अम्ल के जटिल मिश्रण रूप में होता है।
(B) पाचन ग्रहण किए गए भोज्य पदार्थ को सरल एवं घुलनशील अणुओं में परिवर्तित करने की प्रक्रिया है।
(C) पाचन तंत्र के अन्तर्गत आहारनाल तथा पाचन ग्रंथियाँ शामिल की जाती हैं।
(D) भोजन का अधिकांश पाचन एवं पचे हुए भोज्य पदार्थ का अवशोषण छोटी आँत में होता है।
Answer: (A) ग्रहण किया गया भोजन ग्लूकोज वसीय अम्ल तथा अमीनो अम्ल के जटिल मिश्रण रूप में होता है।
Explanation: कथन (A) असत्य है क्योंकि ग्रहण किया गया भोजन कार्बोहाइड्रेट वसा तथा प्रोटीन के बड़े एवं जटिल अणुओं के रूप में होता है जिसे विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं एवं एंजाइमों की सहायता से ग्लूकोज वसीय अम्ल तथा अमीनो अम्ल के छोटे एवं सरल अणुओं में परिवर्तित कर दिया जाता है।
6. पाचक एंजाइमों एवं उससे सम्बंधित अंगों का गलत समूह है-
(A) टॉयलिन – लार ग्रंथियाँ
(B) पेप्सिन – आमाशय
(C) माल्टेज – बड़ी आँत
(D) ट्रिप्सिनोजेन – पित्ताशय
Answer: (D) ट्रिप्सिनोजेन – पित्ताशय
Explanation: ट्रिप्सिनोजेन (Trypsinogen) नामक एंजाइम अग्न्याशय (Pancreas) से स्त्रावित होता है। एन्जाइम (Enzyme) वस्तुत: प्रोटीन होते हैं जो जैव-उत्प्रेरक (Biocatalyst) के रूप में जैव-रासायनिक क्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं अथवा उनकी गति बढ़ाते हैं।
7. निम्नलिखित पदार्थ एवं उनके वर्ग का सही सुमेल नहीं है-
(A) पेप्सिन – कार्बोहाइड्रेट
(B) कैरोटिन – विटामिन
(C) करेटिन – प्रोटीन
(D) टेस्टोस्टेरॉन – हार्मोन
Answer: (A) पेप्सिन – कार्बोहाइड्रेट
Explanation: पेप्सिन एक एंजाइम है जो आमाशय में निर्मित होता है। पेप्सिन प्रोटीन को अपेक्षाकृत छोटे पालीपेप्टाइड्स तथा अमीनो अम्लों में तोड़कर उसका पाचन करता है।
8. लैंगरहैंस की दीपिकाएँ किस अंग में उपस्थित होती है?
(A) छोटो आँव
(B) अग्न्याशय
(C) बड़ी अंत
(D) यकृत
Answer: (B) अग्न्याशय
Explanation: लेंगरहैंस की द्वीपिकाएं (Islets of Langerhans) अग्न्याशय में स्थित होती है। इनमें अल्फा बीटा गामा डेल्टामा एप्सिलॉन नामक कोशिकाएँ पायी जाती है। अल्फा कोशिकाएँ ग्लूकंगॉन का बीटा कोशिकाएँ इंसुलिन एवं एमाइलिन का करती हैं। इंसुलिन के अति स्राव से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है जिससे हाइपोग्लाइसीमिया नामक रोग हो जाता है और मानव की प्रजनन एवं दृष्टि क्षमता प्रभावित होती है।
9. मीठे स्वाद का अनुभव करवाने वाली स्वाद कलिकाएँ मनुष्य की जीभ में कहाँ उपस्थित होती है?
(A) अग्रभाग पर
(B) पार्श्व (किनारे) की ओर
(C) पश्चभाग पर
(D) मध्य भाग पर
Answer: (A) अग्रभाग पर
Explanation: मनुष्य की लोभ के अग्रभाग पर मीठे पार्श्व भाग पर नमकीन एवं खट्टे तथा पश्चभाग पर कड़वे स्वाद का अनुभव करवाने वाली स्वाद कलिकाएँ पाई जाती है।
10. वृक्क, अश्मरी (पथरी) किस रासानिक पदार्थ से निर्मित होती है?
(A) कैल्शियम एसीटेट
(B) कैल्शियम कार्बोनेट
(C) कैल्शियम ऑक्जलेट
(D) कैल्शियम सल्फेट
Answer: (C) कैल्शियम ऑक्जलेट
Explanation: मानव वृक्क में बनने वाली पथरी मुख्यत कैल्शियम ऑक्जलेट के क्रिस्टलों का एकत्रण है जिससे मूत्र के निष्कासन मे रुकावट आती है।
11. एक वयस्क स्वस्थ मनुष्य द्वारा एक दिन में उत्सर्जित मूत्र की मात्रा है-
(A) लगभग 1.5 लीटर
(B) लगभग 3 लीटर
(C) लगभग 4 लीटर
(D) लगभग 6 लीटर
Answer: (A) लगभग 1.5 लीटर
Explanation: एक वयस्क स्वस्थ मनुष्य एक दिन में लगभग 1.5 लीटर मूत्र का उत्सर्जन करता है। मूत्र हल्का पीला पारदर्शी, गन्धयुक्त अम्लीय व जलीय द्रव है जिसका औसत pH मान 6.0 होता है। मूत्र में मुख्यतः जल (95%), यूरिया (2%), प्रोटीन, वसा, शर्करा व अन्य कोलाइड्स (1.3%), यूरिक अम्ल (0.03%), कैल्शियम (0.015%) आदि उपस्थित होते हैं।
12. मानव शरीर में रक्त के शुद्धीकरण की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(A) डायलिसिस
(B) हिमोलिसिस
(C) ऑसमोसिस
(D) पैरालिसिस
Answer: (A) डायलिसिस
Explanation: मानव शरीर में रक्त के शुद्धीकरण की प्रक्रिया को अपोहन अथवा डायलिसिस (Dialysis) कहते हैं। मानव शरीर में 1 जोड़ी वृक्क (Kidneys) होते हैं जो रक्त का शुद्धीकरण करते हैं। यह रक्त में उपस्थित फॉस्फेट व नाइट्रोजन यौगिक यूरिया तथा यूरिक अम्ल को अलग करता है तथा रक्त के परासरणी दाब (Osmotic Pressure) को नियमित करता है। जब कभी रक्त को शुद्ध नहीं कर पाता है तो कृत्रिम अपोहक (Artificial Dialyzer) का प्रयोग किया जाता है।
13. एल्कोहल के निराविषन (Detoxification) के लिए उत्तरदायी अंग कौन है?
(A) यकृत
(B) फेफड़े
(C) वृक्क
(D) हृदय
Answer: (A) यकृत
Explanation: यकृत का एक महत्त्वपूर्ण कार्य निराविषन (Detoxification) है। यह रक्त में उपस्थित अमोनिया उपापचयी अपशिष्टों (Metabolic Waste) औषधियों, एल्कोहल तथा रसायनों को अलग कर देता है ताकि वे शरीर के बाहर उत्सर्जित किए जा सके।
14. अंग तथा उनसे उत्सर्जित अपशिष्ट पदार्थों का गलत समूह है-
(A) वृक्क – यूरिया एवं जल का उत्सर्जन
(B) फेफड़े – कार्बन डाइऑक्साइड व जल वाष्प का उत्सर्जन
(C) यकृत – सीबम व अमीनो अम्ल का उत्सर्जन
(D) स्वेद ग्रंथियों – लवण व लैक्टिक अम्ल का उत्सर्जन
Answer: (C) यकृत – सीबम व अमीनो अम्ल का उत्सर्जन
Explanation: शरीर के उत्सर्जन तंत्र में यकृत (Liver) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यकृत कोलेस्ट्रॉल, बिलिरुबिन व बिलिवर्डिन नामक पित वर्णकों का उत्सर्जन करता है। ये पदार्थ पित्त एवं आँतों से होते हुए मल के साथ बाहर उत्सर्जित हो जाते हैं।
15. उत्सर्जन (Exeretion) से सम्बंधित असत्य कथन है-
(A) यह शरीर में निर्मित हानिकारक एवं विषाक्त अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की जैविक क्रिया है।
(B) कार्बन डाइऑक्साइड, जल, यूरिया, अमोनिया यूरिक अम्ल उत्सर्जी पदार्थ हैं।
(C) मनुष्य नाइट्रोजन का उत्सर्जन यूरिक अम्ल के रूप में करते हैं।
(D) उत्सर्जन के आधार पर जंतुओं को अमोनोटेलिक यूरियोटेलिक तथा यूरिकोटेलिक वर्गों में विभाजित किया जाता है।
Answer: (D) उत्सर्जन के आधार पर जंतुओं को अमोनोटेलिक यूरियोटेलिक तथा यूरिकोटेलिक वर्गों में विभाजित किया जाता है।
Explanation: कथन (C) असत्य है जबकि शेष कथन सत्य है। मनुष्य सहित सभी स्तनधारी तथा अधिकांश उभयचर भी (मेढ़क व कछुए) नाइट्रोजन का उत्सर्जन यूरिया के रूप में करते हैं। अमोनिया का उत्सर्जन करने वाले जंतुओं (मछलियाँ, केकड़ा, प्रोटोजोआ) को अमोनोटेलिक तथा यूरिक अम्ल का उत्सर्जन करने वाले जन्तुओं (पक्षी, सरीसर्प, कीट आदि) को यूरिकोटेलिक कहा जाता है।
